शिमला। हिमाचल में बैकिंग सेवाओं से वंचित 878 गांवों को बैंकिग कोरेस्पोंडेंट से जोड़ा जाएगा। यह निर्णय राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की शिमला में हुई बैठक में लिया गया है। दूरदराज के इन गांवों में प्रत्येक परिवार के कम से कम दो बैंक खाते खोलने और एक डेबिट कार्ड देने की योजना पर का शुरू किया जा रहा है। प्रधान सचिव वित्त श्रीकांत बाल्दी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कई मुद्दों पर निर्णय हुए।
बैठक में बैंकों को परिवार की महिला मुखिया को 5000 रुपये की सीमा तक के माइक्रो क्त्रस्ेडिट उपलब्ध करवाने के लिए प्रदेश सरकार की एजेंसियां, नाबार्ड तथा अन्य वित्तीय संस्थानों के साथ मिलकर कार्य करने पर जोर दिया। यूको बैंक के महाप्रबंधक एवं राज्यस्तरीय बैंकर्ज समिति संयोजक वीके श्रीवास्तव ने कहा कि राज्य स्तरीय बैंकर्ज समिति ने प्रदेश में प्रथम चरण में अगस्त 2015 तक बैंकिंग कारेस्पोंडेंट के माध्यम से बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए 878 गांवों को चिन्हित किया है। उन्होंने कहा कि बैंक द्वारा प्रदेश में छोटे स्तर की शाखाएं आरंभ की जाएंगी। प्रदेश में बैंकिंग सेवाओं की पहुंच को बढ़ाने के लिए लोक मित्र केंद्रों तथा अन्य व्यक्तियों की बैंकिंग सम्पर्ककर्मियों के तौर पर सेवाओं का उपयोग किया जाएगा।
सामाजिक सुरक्षा पेंशन पर जोर
डा. बाल्दी ने कहा कि बैंकों को अपनी शाखाओं एवं बैंकिंग कोरेस्पोंडेंट के माध्यम से चरणबद्ध तरीके से सस्ती और सुलभ वित्तीय सेवाएं जैसे बचत खाते, माइक्रो क्रेेडिट, वित्तीय साक्षरता, माइक्रो बीमा तथा सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान करने पर जोर दिया जाना चाहिए। यूको बैंक के उप महाप्रबंधक एके सिन्हा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। भारतीय रिजर्व बैंक के क्षेत्रीय निदेशक आईएस नेगी, नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक केपी चंद, विभिन्न बैंकों के प्रबंधक, राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों तथा अन्य वित्तीय संस्थानों ने संपूर्ण वित्तीय समावेशन के विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।