शिमला। प्रदेश के शहरी निकायों में तैनात अनुबंध कर्मचारियों को पदोन्नति नियमों में छूट मिलेगी। प्रदेश सरकार ने कर्मचारियों को वन टाइम रिलैक्सेशन देने का फैसला लिया है। सरकार ने शहरी विकास विभाग से ऐसे कर्मचारियों का आंकड़ा मांगा है जिनकी शैक्षणिक योग्यता कम है और आरएंडपी रूल्स से मुताबिक इनकी पदोन्नति नहीं हो रही है। प्रदेश में नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतों में 10 हजार के करीब कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं। इनमें से कई कर्मचारी ऐसे हैं जिनकी आरएंडपी रूल्स के मुताबिक पदोन्नति नहीं हो रही थी। इस श्रेणी में अनुबंध कर्मचारी, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, बेलदार और चौकीदार शामिल हैं।
14 सालों से देख रहे पदोन्नति की राह
प्रदेश में 1 नगर निगम, 29 नगर परिषद और 20 नगर पंचायतें हैं। इनमें कई कर्मचारी ऐसे हैं जिनकी अनुबंध पर सेवाएं देते हुए 10 साल से भी अधिक समय हो गया है, लेकिन अभी तक नियमित नहीं हुए हैं। कई कर्मचारी बिना नियमित हुए सेवानिवृत्त हो चुके हैं। वीरवार को इस प्रस्ताव को मंत्रिमंडल की बैठक में लाया गया, इसमें सरकार ने कर्मचारियों को फायदा पहुंचाने के लिए वन टाइम रिलैक्सेशन देने का फैसला लिया।
अपने फैसले खुद ले सकेंगे शहरी निकाय
नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतें अपने स्तर पर कई फैसले ले सकेंगी। सरकार ने इसकी मंजूरी दी है। लेकिन सरकार ने ये भी कहा है कि पहले निकायों को अपनी वित्तीय स्थिति देखनी होगी, उसके बाद ही निर्णय लिए जा सकते हैं।
काफी समय से लंबित था मामला
शहरी आवास मंत्री सुधीर शर्मा ने कहा कि नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतों की ये मांगें काफी समय से लंबित थी। मंत्रिमंडल की बैठक में निर्णय होने के बाद इसको लेकर शहरी विकास सचिव आरडी नजीम, विभाग के निदेशक जेएम पठानिया के साथ बैठक हुई है। इसमें कर्मचारियों को भर्ती एवं पदोन्नति के नियमों में छूट देने का मामला डिस्कस हुआ है। इसके अलावा निकायों को अपने फैसले लिए जाने को भी कहा गया है।