शिमला। प्रदेश सरकार पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल को बख्शने के मूड में नहीं है। स्टेट विजिलेंस ब्यूरो ने उस पैनकार्ड मामले में पूर्व सीएम को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है, जिसे वह एलानिया बंद कर चुकी थी। वििजलेंस ने तब माना था कि उसे पैनकार्ड मामले में सबूत नहीं मिले हैं। इस नोटिस से धूमल खासे नाराज हैं।
कांग्रेस ने विपक्ष मेें रहते हुए पूर्व भाजपा सरकार के दौरान
भ्रष्टाचार संबंधी 48 मामलों को लेकर चार्जशीट तैयार की थी। इस मामले को भी उठाया था। सत्ता में आने के बाद कांग्रेस ने विजिलेंस को इन मामलों पर जांच के आदेश दिए थे। प्रारंभिक जांच में विजिलेंस को दूसरा पैनकार्ड होने के पुख्ता सबूत नहीं मिले थे। इसी आधार पर इसे बंद करने की सिफारिश
की गई थी। मुख्यमंत्री वीरभद्र
सिंह मामले को कई बार मीडिया में उठा चुके हैं। विजिलेंस ने धूमल से एक से ज्यादा पैनकार्ड रखने के आरोप में कुछ सवालों के जवाब स्पष्ट करने को कहा है। फिलहाल मामले की फिर जांच खुल गई है।