शिमला। शहरी आवासीय मंत्री व हिमुडा के अध्यक्ष सुधीर शर्मा ने हिमुडा को रियल इस्टेट की तर्ज पर काम करने की सलाह दी गई है। उन्होंने कहा कि हिमुडा को रियल एस्टेट क्षेत्र में जैसे शॉपिंग मॉल, सॉफ्टवेयर तकनीकी पार्क , विलासिता और मनोरंजन सुविधाएं मुहैया करवाने पर ध्यान केन्द्रित करना चाहिए। उन्होंने सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) के माध्यम से रियल एस्टेट प्रस्तावों में निवेश लाने के लिए आक्रामक नीति अपनाने और परियोजनाओं को तय समय अवधि में भी पूरा करने और निर्माण में गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए।
सुधीर शर्मा हिमुडा के निदेशक मंडल की 32वीं बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। हिमुडा की मंगलवार को आयोजित निदेशक मंडल की बैठक में दर्जनों प्रस्ताव पर स्वीकृति की मोहर लगाई गई। निदेशक मंडल बैठक की अध्यक्षता शहरी आवासीय मंत्री सुधीर शर्मा ने की। उनकी अध्यक्षता में अनुमानित बजट 7356.78 लाख रुपये और वर्ष 2014-15 के अनुमानित बजट 11344.05 लाख रुपये को स्वीकृत दी गई। बोर्ड ने हिमुडा की ओर से प्रदेश में सार्वजनिक निजी भागीदारी के जरिए शहरी विकास और एकीकृत हिल टाउनशिप की सुविधा के लिए लेन-देन सलाहकारों की सूची पर भी सैद्धांतिक पर सहमति जताई।
शिमला में पांच दुकानों का निर्माण होगा
निदेशक मंडल की बैठक में शिमला के संजौली में हाउसिंग कालोनी चरण तीन में 1,00,53,600 रुपये से पांच दुकानों के निर्माण का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया। हिमुडा के इस फैसले से जहां लोगों को रोजगार मिलेगा वहीं हिमुडा की आय में भी इजाफा होगा।
सोलन में बनेंगे 24 फ्लैट्स, 5 दुकानें
सोलन में 24 फ्लैट्स, 5 दुकानें, वित्त योजना के तहत 40,54,23,780 रुपये से हॉल निर्मित करने के प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। बोर्ड ने सोलन के नजदीक शील में स्थित हाउसिंग कालोनी में 68,60,44,500 रुपये से श्रेणी एक के 56, श्रेणी दो के 48, श्रेणी तीन के 32, श्रेणी चार के 16 फ्लैट और 4 कॉटेज के निर्माण को स्वीकृति दी। इस परियोजना का निर्माण कार्य भी हिमुडा की ओर से किया जाएगा।
नूरपुर में प्लॉटों के लिए स्थल चयनित
बैठक में नूरपुर में सोशल हाउसिंग कालोनी में काटे गए नए प्लॉटों के लिए स्थलों को 18,51,800 रुपये से विकसित करने, जिसमें सड़कों और रिटेन दीवारों का निर्माण, बाहरी मल निकासी की उपलब्धता, बाहरी पेयजल व विद्युत आपूर्ति की उपलब्धता शामिल है, को स्वीकृति दी। विभिन्न नागरिक कार्यों को हिमुडा की ओर से पेशगी कार्य 9 प्रतिशत की दर से विभागीय शुल्क के तहत करने को भी मंजूरी दी गई। बैठक में हिमुडा के उपध्यक्ष यशवंत छाजटा भी इस अवसर पर मौजूद थे।
सिरमौर में हाउसिंग कालोनी
बोर्ड ने जिला सिरमौर के त्रिलोकपुर हाउसिंग कालोनी में 1,04,13,29,430 रुपये से पार्किंग सुविधा संपन्न श्रेणी एक के 72, श्रेणी दो के 56, श्रेणी तीन के 48 और श्रेणी चार के 80 फ्लैटों के निर्माण को भी स्वीकृति दी। इस परियोजना का निर्माण कार्य स्वयं हिमुडा की ओर किया जाएगा, जबकि पहले यह पीपीपी के तहत किया जाना तय था।
परवाणु में कांप्लेक्स
बोर्ड ने परवाणू में सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग की तय दरों के अनुसार घरेलू दरों पर पानी का शुल्क वसूलने के प्रस्ताव को भी स्वीकृत किया। बैठक में परवाणू के सेक्टर एक में 2,28,32,500 रुपये से वाणिज्यिक कांप्लेक्स के निर्माण का प्रस्ताव भी स्वीकृत किया गया।
धर्मशाला में पार्किगिं के साथ 8 फ्लैट
सिद्धपुर, मोहली, धर्मशाला में 2,77,32,400 रुपये से आंशिक स्वयं वित्तीय योजना के तहत पार्किंग सुविधा से संपन्न श्रेणी एक के 8 फ्लैट के निर्माण को भी स्वीकृति दी गई। बैठक में नूरपुर में सोशल हाउसिंग कालौनी में काटे गए नए प्लॉटों के लिए स्थलों को 18,51,800 रुपये से विकसित करने, जिसमें सड़कों और रिटेन दीवारों का निर्माण, बाहरी मल निकासी की उपलब्धता, बाहरी पेयजल व विद्युत आपूर्ति की उपलब्धता शामिल है, को स्वीकृति दी।
हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड के विभिन्न नागरिक कार्यों को हिमुडा द्वारा पेशगी कार्य 9 प्रतिशत की दर से विभागीय शुल्क के तहत करने को भी मंजूरी
नाहन के जुरना और पावंटा साहिब के सुबखेड़ा में हाउसिंग कालौनियों को विकसित करने के लिए हुडको से ऋण राशि 25 करोड़ रुपये करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति
सोलन के हाउसिंग कालोनी चरण दो में योग केन्द्र बनाने के लिए 161.50 वर्ग भूमि कल्याण समिति को आवंटित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति
कर्मचारियों को तोहफा
बैठक में हिमुडा के रिटायर कर्मचारियों को चिकित्सा प्रतिपूर्ति योजना शुरू करने की सैद्धांतिक मंजूरी दे दी गई। बोर्ड दो अंशकालिक सफाई कर्मचारियों के पदों को दैनिक भोगियों में परिवर्तित करने में प्रस्ताव पर सहमति जताई और हिमुडा में दैनिक दिहाड़ी के आधार पर चालक के खाली पद को भरने की स्वीकृति दी। बोर्ड ने कार्य क्षमता बढ़ाने और समयबद्ध सेवाएं प्रदान करने के लिए हिमुडा के विभिन्न पदाधिकारियों की हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग की तर्ज पर वित्तीय और प्रशासनिक शक्तियां बढ़ाने का भी निर्णय लिया गया।