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हत्यारे की उम्रकैद की सजा बरकरार

Sat, 19 Jul 2014 05:30 AM IST
Shimla
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शिमला। पठानकोट स्थित थीन डैम में कार्य करने वाले फोरमैन की हत्या के दोषी उघा नंद सिंह उर्फ नंदू की सजा को हाई कोर्ट ने बरकरार रखा। अदालत ने फास्ट ट्रैक कोर्ट ऊना के 30 सितंबर 2008 के फैसले पर अपनी मुहर लगा दी। निचली अदालत ने अभियुक्त को उम्र कैद की सजा सुनवाई थी। मामले के तथ्यों के अनुसार मृतक हरि कृष्ण अपने गांव बेहदला आया हुआ था। 30 अप्रैल 2007 को आरोपी ने हरि कृष्ण के सिर पर लोहे की पाइप से वार किया जिससे उसकी मौत हो गई थी। हत्या से पहले दोषी ने मृतक के गुप्तांग को काट दिया था और उसके सिर पर इतना मारा कि उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया था। इसके बाद दोषी ने मृतक को स्टोर में फेंक दिया और फरार हो गया। जांच के दौरान पुलिस ने दोषी को बिहार से गिरफ्तार किया। दोषी के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट ऊना में अभियोग चलाया गया।
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दो महीने में जांच पूरी करने के आदेश
शिमला। भारतीय दंड सहिंता की धारा 420, 467, 468, 471 और भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत पंचायत प्रधान के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी में आरोपी को गिरफ्तार न किए जाए के मामले में प्रदेश हाई कोर्ट ने पुलिस को आदेश दिए है कि इस मामले की जांच दो महीने में पूरी की जाए। प्रार्थी पवन कुमार ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि चंबा जिला की ग्राम पंचायत जांघि के प्रधान वीरेंद्र कुमार गुप्ता के खिलाफ 25 नवंबर 2013 को प्राथमिकी दर्ज की गई। प्रधान पर आरोप है कि उसने सचिव से मिल कर लाखों का घोटाला किया है। आरोपी ने 25 नवंबर 2013 को ही हाई कोर्ट के समक्ष अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया था जिसे हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया। अदालत ने प्रार्थी की याचिका स्वीकार करते हुए मामले की जांच दो महीने में पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
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