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केंद्र की सिफारिश को हल्के में ले गई सरकार

Tue, 24 Jun 2014 05:33 AM IST
Shimla
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शिमला। मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया (एमसीआई) ने हिमाचल के आईजीएमसी और टांडा मेडिकल कालेजों में सीटें कम करने की सिफारिश एक माह पहले ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से कर दी थी। तब सूबे की सरकार ने सीटें कम करने की सिफारिशों को बेहद हल्के में लिया। प्रदेश की ओर से सख्त रुख अख्तियार करके केंद्र में पैरवी नहीं की गई। इसी का नतीजा है कि एमबीबीएस के लिए नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो गई है, लेकिन सीटों को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। राज्य के 85 भावी डाक्टरों के भविष्य पर खतरा मंडरा रहा है।
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मई के आखिर में ही एमसीआई ने अपनी रिपोर्ट मंत्रालय को सौंप दी थी। शुरूआत में एमसीआई की संस्तुति पर सूबे के अफसरों को यकीन ही नहीं हो रहा था। मीडिया में खबरें छपने के बाद अफसर हरकत में आए। इसको लेकर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन से जून के पहले सप्ताह के आखिर में भी मिले थे। हिमाचल सरकार ने भी केंद्र को अपनी विस्तृत रिपोर्ट भी भेजी, लेकिन इसकी इतनी पैरवी नहीं की गई। कमजोर पैरवी के का परिणाम है कि केंद्र ने अभी तक सीट कम या बरकरार रखने को लेकर कोई आदेश जारी नहीं किया है।
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कितनी थी सीटें
आईजीएमसी 100
टांडा 100
एमसीआई की सिफारिश
आईजीएमसी 65
टांडा 50
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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को हिमाचल की ओर से रिपोर्ट भेज दी गई है। अब मै मंत्रालय में व्यक्तिगत तौर पर जाकर पूरे मामले पर चर्चा करूंगा। कोशिश होगी कि प्रदेश कोटे की एक भी सीटें कम न होने पाए।
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विनीत चौधरी, अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य
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