शिमला। हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के 22वें मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर के सम्मान में वीरवार को हाईकोर्ट में फुल कोर्ट वेल्कम अड्रेस का आयोजन किया गया। उन्होंने कल राजभवन में मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ग्रहण की थी। इससे पहले वे 27 नवंबर 2013 से उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश थे।
रजिस्ट्रार जनरल सीबी बारोवालिया ने कार्यक्रम का संचालन किया। मुख्य न्यायाधीश मीर ने कहा कि न्यायपालिका की शक्ति जनता के भरोसे में निहित है। जिसका आधार बैंच और बार के मध्य अच्छे संबंधों तथा उनके द्वारा ईमानदारी व पूरे परिश्रम से अपने अपने कर्त्तव्यों के निर्वहन में है। उनके द्वारा किया गया कोई भी गलत कार्य या गलत आचरण न केवल जनता के विश्वास को क्षति पहुंचा सकता है, बल्कि न्याय प्रणाली को भी अत्यधिक हानि पहुंचा सकता है। इसलिए बैंच और बार को चाहिए कि वे ऐसा कोई कार्य न करें, जिससे जनता के विश्वास को क्षति पहुंचे।
न्यायाधीश संजय करोल ने मुख्य न्यायाधीश का पर संभालने पर मीर का स्वागत करते हुए कहा कि वह एक ईमानदार, कुशल और धार्मिक व्यक्ति हैं और न्याय प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। महाधिवक्ता एवं बार काउंसिल के चेयरमैन श्रवण डोगरा, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के प्रधान अश्वनी पाठक और एडिशिनल सोलिसिटर जनरल आफ इंडिया संदीप शर्मा ने भी संबोधन किया। हाईकोर्ट के न्यायाधीश भी कार्यक्रम में थे।