शिमला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को भूटान में सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड (एसजेवीएनएल) और भूटान की ड्रक ग्रीन पावर कॉरपोरेशन के संयुक्त उपक्रम में बनने वाली 600 मेगावाट की पनबिजली परियोजना की आधारशिला रखी। इस दौरान भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, विदेश सचिव सुजाता सिंह सहित अन्य मौजूद रहे। एसजेवीएनएल के सीएमडी आरपी सिंह ने बताया कि भूटान सरकार के पार्लियामेंट हाउस भवन में 600 मेगावाट पनबिजली परियोजना की आधारशिला रखी गई। भूटान सरकार एवं भारत सरकार के बीच 22 अप्रैल 2014 को इस परियोजना को लेकर समझौता हुआ था। प्रावधानों के अनुसार संयुक्त उद्यम कंपनी भूटान सरकार को कामर्शियल प्रचालन के पहले 12 साल तक विद्युत रायल्टी के तौर पर बिक्री योग्य बिजली की 12 प्रतिशत बिजली नि:शुल्क देगी। इसके बाद रियायती अवधि के दौरान 18 प्रतिशत बिजली मुहैया करवाएगी। एसजेवीएनएल और ग्रीन पॉवर कॉरपोरेशन लिमिटेड कंपनी के बीच बराबर की हिस्सेदारी होगी। उत्पादित होने वाली बिजली खुले बाजार में बेची जाएगी।