शिमला। प्रदेश विश्वविद्यालय की सर्वोच्च संस्था कार्यकारी परिषद की 24 जून को होने वाली बैठक में फीस बढ़ोतरी पर अंतिम फैसला होगा। शनिवार को आर्थिक संसाधन जुटाने को गठित रिसोर्स मोबलाइजेशन कमेटी (आरएमसी) की पहली बैठक में शिक्षा बोर्ड और पड़ोसी राज्यों के विश्वविद्यालयों के मौजूदा स्ट्रक्चर को स्टडी करने के लिए समिति को मुश्किल से एक सप्ताह का समय दिया गया है। एक सप्ताह में समिति अन्य संस्थानों की फीस दरों और विवि की फीस का आकलन करेगी और विवि के बढे़े खर्च के अनुरूप नया फीस स्ट्रक्चर तैयार करेगी। समिति की 16 जून को दोबारा बैठक है। जाहिर है कि इसमें समिति फीस बढ़ाने के लिए तैयार मसौदे को अंतिम रूप देगी। 16 को बढ़ाई दरों पर समिति के सदस्य विस्तृत चर्चा करेंगे। इसे 24 जून को ईसी बैठक में मंजूरी को रखा जाएगा। विवि ने 2012-13 की हाई लेवल कमेटी की सिफारिशों का आधार माना है। इसमें मुख्य रूप से परीक्षा फीस, छात्रावास फीस के साथ ट्यूशन फीस और शुल्क दरें बढ़ाने की सिफारिश की गई है। विवि ईसी बैठक में ट्यूशन फीस के साथ छात्रावासों की फीस बढ़ाने का प्रस्ताव भी मंजूरी के लिए रख सकता है। विवि प्रशासन छात्र संगठनों को भनक लगाए बिना ही फीस बढ़ोतरी का प्रस्ताव ईसी तक पहुंचाने की प्रक्रिया को पूरा कर रहा है। पहली बैठक भी तय समय से पूर्व करवाई गई। अब 16 जून को दूसरी बैठक रखी है।
---
16 को दोबारा बैठक : वीसी
प्रदेश विवि के कुलपति प्रो. एडीएन बाजपेयी ने कहा कि फीस बढ़ोतरी के मामले पर अध्ययन करने को गठित रिसोर्स मोबलाइजेशन कमेटी की 16 जून को दोबारा बैठक बुलाई है। 24 जून को कार्यकारी परिषद की बैठक होगी।