शिमला। हिमाचल के किन्नौर जिले में ब्रेकल कंपनी से वापस लिए दो बड़े पावर प्रोजेक्टों के रि-टेंडर किए जाएंगे। मंजूरी के लिए ऊर्जा विभाग की ओर से प्रस्ताव हिमाचल प्रदेश इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड को भेज दिया गया है। बोर्ड से स्वीकृति मिलते ही प्रदेश सरकार की ओर से आवंटन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। दो माह पहले ही सूबे की सरकार ने ब्रेकल कंपनी के आवंटन को रद्द कर दिया था। साथ ही कंपनी की जमानत राशि भी जब्त कर ली थी।
पांच साल पहले मार्च 2009 में प्रदेश सरकार ने ब्रेकल कंपनी को जंगी थोपन और पंवारी में 960 मेगावाट की दो परियोजनाएं आवंटित की थीं। इस अवधि में परियोजना का काम शुरू नहीं हो पाया था। इसको लेकर विवाद खड़ा हो गया। यहां तक की कोर्ट में भी मामला गया, जिसके बाद प्रदेश सरकार ने मार्च 2014 के आखिर में ब्रेकल कंपनी के आवंटन को निरस्त कर दिया है। साथ ही लगभग 250 करोड़ रुपये की जमानत राशि भी जब्त कर ली। अरबों रुपये का जुर्माना ठोकने के लिए कंपनी को नोटिस थमाया गया। हालांकि कंपनी ने सरकार के नोटिस का जवाब दे दिया है, लेकिन उसके जवाब पर अभी तक फैसला नहीं हो पाया है। इस बीच सरकार ने उक्त प्रोजेक्टों के रि-टेंडर करने का निर्णय लिया है। इसका प्रस्ताव बनाकर हिमाचल प्रदेश इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड को भेज दिया गया है। बोर्ड से स्वीकृत मिलने के तत्काल बाद रि-टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। संभव है कि जून के आखिर या जुलाई के शुरू में टेंडर कर दिया जाए।
कोट
ब्रेकल कंपनी का पावर प्रोजेक्ट का आवंटन निरस्त हो चुका है। ऐसे उक्त स्थान पर परियोजनाएं बनाने के लिए आवंटन की प्रक्रिया नए सिरे से शुरू की जाएगी। प्रस्ताव हिमाचल प्रदेश इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड को भेज दिया गया है। -एसकेबीएस नेगी, प्रधान सचिव ऊर्जा