शिमला। हिमाचल प्रदेश के नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत क्षेत्रों के लिए अच्छी खबर है। इन क्षेत्रों में ठोस कचरे के कारण पर्यावरण दूषित नहीं होगा। ऐसे कचरे को निस्तारित करने के लिए प्रदेश में स्थापित सीमेंट फैक्ट्रियों की मदद ली जाएगी। इससे जहां सीमेंट फैक्ट्रियों में ऊर्जा की बचत होगी, वहीं प्रदेश के छोटे और बड़े शहरों को स्वच्छ रखने में सहायता मिलेगी।
हिमाचल प्रदेश पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की पहल पर बरमाणा स्थित एसीसी सीमेंट प्लांट में ठोस कचरे का निस्तारण शुरू हो गया है। इससे मंडी, सुंदरनगर, बिलासपुर सहित आसपास के लगभग 12 नगर निकायों के ठोस कचरे का निस्तारण सीमेंट प्लान में किया जा रहा है। इससे सीमेंट प्लांट में ऊर्जा की बचत हो रही है। इसी की तर्ज पर अंबुजा और जेपी सीमेंट फैक्ट्रियों के प्लान में ठोस कचरे का निस्तारण की प्रक्रिया शुरू करने की बात की जा रही है। इसको लेकर बोर्ड के अधिकारी दोनों कंपनियों से बात कर रहे हैं, जिससे प्रदेश के लगभग 40 से 45 निकायों को पूरी तरह प्रदूषण से मुक्त किया जा सकेगा। इसके साथ ही औद्योगिक कचरे को भी प्लांट में निस्तारित किया जाएगा, जिससे प्रदेश का पर्यावरण बिल्कुल स्वच्छ रहे।
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ठोस कचरे का निस्तारण का एक सफल प्रयास शुरू किया गया है। बोर्ड की कोशिश है कि कम से कम 45 निकायों में ठोस कचरे का निस्तारण कराने की व्यवस्था करा दी जाए, जिससे पर्यावरण पर किसी प्रकार का विपरीत प्रभाव न पड़े। - विनीत कुमार, सदस्य सचिव, प्रदेश पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड