शिमला। हिमाचल सरकार ने निष्कासित पीटीए शिक्षकों को सुनवाई का एक और मौका दिया है। इन्हें एक माह के भीतर फिर से अपील करने का अवसर दिया गया है। इन पर दो माह में निर्णय होगा। इसके अलावा नॉन बीएड, बैन पीरियड में नियुक्त और नगर निकाय क्षेत्रों में नियुक्त पीटीए शिक्षकों की ग्रांट-इन-एड जारी करने का निर्णय लिया है। सैकड़ों शिक्षकों को इससे राहत मिली है। इससे पूर्व में जारी 100 शिक्षकों की ग्रांट-इन-एड पर आ रही रिकवरी की नौबत अब टल गई है।
सरकार ने निर्णय लिया है कि पीटीए शिक्षकों की लंबी मांगों के बाद जिन्हें इन्कवायरी कमेटी की रिपोर्ट के बाद अयोग्य करार दिया गया था, उनके बारे में मुख्य सचिव की अध्यक्षता की एक हाई पॉवर कमेटी ने यह संस्तुति दी है कि वे इन्कवायरी कमेटी के चेयरमैन और अपीलीय अथॉरिटी के समक्ष नई अपील कर सकेंगे। ऐसी अपील एक महीने के भीतर करनी होगी। ये आदेश प्रधान सचिव शिक्षा अली रजा रिजवी ने जारी किए हैं। इसे आगे प्रारंभिक और उच्च शिक्षा निदेशकों को जारी किया गया है। इससे उच्चतर एवं प्रारंभिक शिक्षा विभाग से बाहर किए गए 570 ऐसे शिक्षकों को राहत मिली है जो बाहर चल रहे हैं। ऐसे मामले दो माह के भीतर हल होंगे। मुख्य सचिव की अध्यक्षता की कमेटी ने सभी पीटीए शिक्षकों को फिर से सेवाओं में शामिल करने का निर्णय लिया है, जिनकी सेवाएं इन्कवायरी कमेटी से अलग कारणों से बंद कर दी गई थी। हालांकि, इसमें यह देखना होगा कि वे आरएंडपी रूल्स और जीआईए के तहत पात्र रहे हैं तो इस बारे में इस विभाग को आगामी कार्रवाई के तहत सूचित किया जाए। इसके अतिरिक्त हिमाचल सरकार ने नॉन बीएड पीटीए प्रवक्ताओं, बैन पीरियड में नियुक्त पीटीए शिक्षकों और नगर निकायों के दायरे में लगे पीटीए शिक्षकों को ग्रांट-इन-एड जारी कर दी है। यह रुकी पड़ी थी।
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साल में आठ कैजुअल लीव मिलेंगी
शिमला। हिमाचल प्रदेश में पीटीए शिक्षकों को साल में आठ कैजुअल लीव मिलेंगी। प्रधान सचिव शिक्षा अली रजा रिजवी ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं।