धर्मशाला। दसवीं के रिजल्ट में फिर से कुड़ियों ने बाजी मारी है। 34 की मेरिट लिस्ट में 21 लड़कियों ने अपना स्थान बनाया। 13 लड़के भी मेरिट भी शामिल रहे। हालांकि, पिछले साल की तुलना में इस बार रिजल्ट प्रतिशतता गिरी है। परीक्षा परिणाम महज 57 प्रतिशत रहा जो पिछले साल की तुलना में 4 फीसदी कम रहा। वर्ष 2013 में दसवीं का रिजल्ट 61 तथा 2012 में 63 फीसदी रहा था। करीब डेढ़ लाख परीक्षार्थी परीक्षा में बैठे। इनमें से महज 80 हजार परीक्षार्थी ही उत्तीर्ण हुए। 26 हजार की कंपार्टमेंट तथा बाकी छात्र अनुत्तीर्ण रहे। पिछले वर्षों की तुलना में 2014 में परीक्षा परिणाम सबसे ज्यादा नकारात्मक रहा। पिछले तीन वर्षों से रिजल्ट का यह अनुपात लगातार गिरता जा रहा है। सूत्रों की मानें तो शिक्षा बोर्ड की ओर से शुरू किए गए एफआरयू कोड के चलते परीक्षा परिणाम में गिरावट आई है। बोर्ड ने मौजूदा वर्ष में सभी विषयों की उत्तर पुस्तिकाओं पर एफआरयू कोड लगाए थे, जबकि पिछले वर्ष महज तीन विषयों की उत्तर पुस्तिकाओं पर ही कोड लगे थे। इसके चलते किसी को भी उत्तर पुस्तिकाओं की कोई जानकारी नहीं लग पाई।
---
मेरिट लिस्ट में सरकारी स्कूलों के महज तीन छात्र ही अपनी जगह बना सके। 34 छात्रों की मेरिट लिस्ट में 31 छात्र निजी स्कूलों के शामिल रहे। दसवीं की मेरिट में निजी स्कूलों को पूरी तरह से बोलबाला रहा। जबकि हाल ही में घोषित हुए जमा दो के रिजल्ट में 69 में से 42 सरकारी स्कूलों के छात्रों ने अपना स्थान बनाया था।