शिमला। केएनएच में डाक्टरों के कमीशन खेल पर जांच बैठ गई है। शनिवार से मामले की छानबीन शुरू होगी। पीड़ित महिला के बयान भी लिए जाएंगे। अस्पताल की लैब की जगह प्राइवेट लैब में भेजने के आरोप में डाक्टर संदेह के घेरे में हैं। ‘अमर उजाला’ ने 18 अप्रैल के अंक में केएनएच में डाक्टरों का कमीशन खेल ... शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। मामले में अस्पताल प्रबंधन और डाक्टर की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में है। राज्य सरकार की ओर से गर्भवती महिलाओं के लिए मुफ्त टेस्ट सुविधा दे रखी है। महिलाओं को कोई दिक्कत न हो इसके लिए अस्पताल में एसआरएल लैब भी खोली है। यहां हर तरह के टेस्ट होते हैं और महिला मरीजों से कोई टेस्ट फीस नहीं ली जाती। बावजूद डाक्टर महिलाओं को टेस्ट के लिए निजी लैब भेज रहे थे।
---
ये था मामला
गर्भवती महिला स्वास्थ्य जांच के लिए कमला नेहरू अस्पताल पहुंची। ओपीडी में जांच के बाद डाक्टर ने महिला को टेस्ट करवाने को कहा। महिला टेस्ट करवाने के लिए अस्पताल में मौजूद एसआरएल लैब पहुंची। इसी दौरान डाक्टर भी वहां पहुंच गया और उसने कहा कि यहां टेस्ट मत करवाओ। परची पर निजी लैब का नाम लिखा और साथ ही अपना मोबाइल नंबर भी। परची थमा कर डाक्टर चला गया।
---
टेस्ट में खर्च हुए 2500 सौ
गर्भवती महिला अस्पताल के समीप ही डाक्टर की बताई गई निजी लैब में पहुंच गई। टेस्ट के बाद उसे 2500 सौ का बिल थमा दिया। भुगतान करने के बाद महिला ने डाक्टर को रिपोर्ट दिखाई। यही टेस्ट महिला के एसआरएल लैब में निशुल्क होने थे।
---
आज से होगी जांच
शनिवार से मामले की जांच शुरू कर दी जाएगी। मामले की तह तक जाएंगे। इसमें अगर कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
प्रोफेसर संतोष मिन्हास, विभागाध्यक्ष, स्त्रो रोग, कमला नेहरू अस्पताल