फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कलस्टर यूनिवर्सिटी की राह में शर्तें रोड़ा

Sun, 13 Apr 2014 05:32 AM IST
Shimla
विज्ञापन
विज्ञापन
शिमला। प्रदेश में तीन से पांच कॉलेजों की एक कलस्टर यूनिवर्सिटी खोलने का सपना साकार होता नहीं दिख रहा है। मानव संसाधन मंत्रालय के राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) में भले ही केंद्र से 55 करोड़ की ग्रांट देने का प्रावधान है, मगर कलस्टर यूनिवर्सिटी स्थापित करने को रखी गई शर्तें प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों पर भारी पड़ रही हैं। राजधानी शिमला में एमएचआरडी की गाइड लाइन के मुताबिक तीन से पांच कॉलेज जरूर हैं, मगर यहां भूमि की उपलब्धता की शर्त पूरी करना मुश्किल होगा। कांगड़ा और मंडी में भी 15 से 20 किलोमीटर के दायरे में तीन से पांच कॉलेज और यूनिवर्सिटी बनाने को 25 एकड़ भूमि की उपलब्धता की शर्त भारी पड़ेगी। कलस्टर यूनिवर्सिटी खोलने को जमीन और निर्धारित क्षेत्र के भीतर कॉलेजों का होना जरूरी है। विवि का शर्तों में छूट देने का आग्रह अगर एमएचआरडी ने माना तो ही प्रदेश के शिमला, मंडी और धर्मशाला में कलस्टर यूनिवर्सिटी का सपना साकार हो सकेगा। क्षेत्र के 3 से 5 कॉलेजों को एक कलस्टर यूनिवर्सिटी में लाया जाएगा। शुरुआती दौर में एक एक नोडल कॉलेज चुना जाएगा। यहां से यूनिवर्सिटी के तहत आने वाले कॉलेजों का प्रबंधन होगा।
विज्ञापन

--
शर्तों में ढील देने की मांग
प्रदेश विवि ने एमएचआरडी से रूसा के तहत बनने वाली कलस्टर यूनिवर्सिटी को निर्धारित दस से बीस किलोमीटर दायरे की शर्त में ढील देने का मामला उठाया है। अन्य शर्तों में भी प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए रियायत देने का आग्रह डीन प्लानिंग प्रो. पीके आहलुवालिया की ओर से भेजा गया है।
विज्ञापन


कलस्टर यूनिवर्सिटी के लाभ
----
1. केंद्र से मिलेगी 55 करोड़ रुपये की ग्रांट।
2. स्वायतता बढ़ेगी, यूनिवर्सिटी अपने स्तर पर ले सकेगी फैसले
3. जरूरत के मुताबिक डिजाइन कर शुरू होंगे कोर्स।
4. शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार एवं संबद्धता के झंझट से मुक्ति।
5. शोध अनुसंधान कार्य बढ़ेंगे, बेहतर होगा आधारभूत ढांचा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें