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कहां खो गया माल रोड पर एस्केलेटर लगाने का प्रोजेक्ट

Sat, 12 Apr 2014 05:31 AM IST
Shimla
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पीपीपी मोड पर सात जगह सीढ़ियां बनाने की थी योजना
दो साल से फाइलों में ही घूम रही एस्केलेटर की सीढ़ियां
प्रोजेक्ट सिरे चढ़ाने को राज्य सरकार भी नहीं दिखी गंभीर
शहरवासियों को सब्जबाग दिखाने में नगर निगम माहिर
अनिमेष कौशल
शिमला। राजधानी में सात जगह एस्केलेटर यानी स्वचलित सीढ़ियां चलाने की योजना हांफ गई है। बीते दो साल से शहरवासियों को सब्जबाग दिखा रहा यह प्रोजेक्ट सिर्फ फाइलों में ही एस्केलेटर चला रहा है। प्रोेजेक्ट को जमीन पर उतारने के लिए राज्य सरकार भी गंभीर नजर नहीं आ रही है। नगर निगम का स्वचलित सीढ़ियों का निर्माण बीओटी (बिल्ड एंड आपरेट) आधार पर करने का दावा भी हवा साबित हो गया है। केंद्र सरकार से फंड नहीं मिलने और निगम की आर्थिक तंगी के चलते प्रोजेक्ट को पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट-पार्टनरशीप) मोड पर पर देने का फैसला लिया गया है। लेकिन निगम प्रशासन की लापरवाही के चलते अब पीपीपी मोड पर भी प्रोजेक्ट शुरू नहीं हो पा रहा है। नगर निगम और शहरी विकास विभाग प्रोजेक्ट पर मंथन करने की बात कह कर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं। इस योजना पर काम कब शुरू होगा, डीपीआर किस स्तर पर है। इसको लेकर कोई संतोषजनक जवाब नगर निगम के पास नहीं है।

इनसेट...
डेढ़ साल पुराने दावे हुए हवा
करीब डेढ़ साल पूर्व इस प्रोजेक्ट को जेएनएनयूआरएम के तहत फंडिंग करवाने के दावे किए गए थे। लेकिन अब केंद्र सरकार की बेरुखी के चलते और नगर निगम की माली हालत को देखते हुए पीपीपी मोड को चुना गया है। पीपीपी मोड पर देने के चलते ठेकेदार इन सीढ़ियों का निर्माण करेगा और अपनी राशि को पूरा करने के लिए सीढ़ियां प्रयोग करने वालों से शुल्क लेगा। करीब चालीस करोड़ की राशि इस योजना के तहत व्यय की जाएगी। स्वचलित सीढ़ियां लगने से ओल्ड बस स्टेंड, लोअर बाजार और लक्कड़ बाजार बस स्टेंड से माल रोड तक पहुंचना आसान हो जाएगा।
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सरकार ने की पीपीपी की वकालत
एस्केलेटर के प्रोजेक्ट के लिए धनराशि का इंतजाम नहीं होने पर नगर निगम ने मामला राज्य सरकार के सामने उठाया था। बताया जा रहा है कि सरकार ने ही पीपीपी मोड पर प्रोजेक्ट को देने की वकालत की थी। सरकार का तर्क है कि आर्थिक तंगी और सीमित साधनों के चलते निगम स्वयं इस प्रोजेक्ट को सिरे नहीं चढ़ा सकेगा।

शहरी विकास विभाग के जवाब का इंतजार : अमरजीत
नगर निगम आयुक्त अमरजीत सिंह का कहना है कि शहर में सात जगह एस्केलेटर चलाने की योजना बनाकर शहरी विकास विभाग को भेजी है। विभाग द्वारा एचपीआईडीबी को फाइल भेजी जाएगी। आईडीबी पीपीपी मोड की नोडल एजेंसी है। एचपीआईडीबी ही पीपीपी मोड के प्रोजेक्ट की रुपरेखा तैयार करता है। फाइल के संबंध में शहरी विकास विभाग से अभी जवाब नहीं आया है।
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यहां-यहां लगनी थीं स्वचलित सीढ़ियां
लिफ्ट से माल रोड वाया सब्जी मंडी
लक्कड़ बाजार/ रिवोली बस स्टेंड (सर्कुलर रोड से माल रोड)
लोअर बाजार से माल रोड इंदिरा चौक
लोअर बाजार से माल रोड नजदीक जैन मंदिर
रेलवे स्टेशन से माल रोड सर्कुलर रोड होते हुए
आकलैंड टनल से लक्कड़ बाजार
रिगल स्कूल से लेकर ड्रीमलैंड

क्या हैं स्वचलित सीढ़ियां (एस्केलेटर)
स्वचलित सीढ़ियां (एस्केलेटर) चलती हुई यांत्रिक सीढ़ियां हैं। इसके अनेक भाग इस प्रकार से जुड़े हुए होते हैं कि देखने में वे सीढ़ी जैसे ही दिखाई देते हैं और उसी की तरह प्रयोग में भी लिए जा सकते हैं।
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