शिमला। पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से पूछा है कि वह बताएं कि 10 हजार करोड़ रुपये का क्या हुआ? धूमल ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी और प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह को याद दिलाया है कि नवंबर, 2012 में विधानसभा चुनाव के दौरान चुनावी रैलियों में उन्होंने कहा था कि धूमल सरकार 2007 से 2012 के बीच केन्द्र सरकार से जारी 10 हजार करोड़ खर्च नहीं सकी और प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने पर इस पैसे को विकास के लिए जारी किया जाएगा। धूमल ने कहा कि अब जबकि प्रदेश में कांग्रेस सरकार बने हुए लगभग डेढ़ वर्ष हो गया है, तो जनता 10 हजार करोड़ की हकीकत जानना चाहती है।
इसमें से कितना धन राज्य सरकार को मिल गया और शेष कब तक मिलेगा? धूमल ने कहा कि उनकी सूचना के मुताबिक एक रुपया भी प्रदेश सरकार को अतिरिक्त प्राप्त नहीं हुआ और अपनी आदत के अनुसार कांग्रेस नेताआें ने उस वक्त सफेद झूठ बोलकर प्रदेश की जनता को गुमराह किया था। धूमल ने कहा कि उन्होंने नवंबर 2012 में एक पत्र प्रधानमंत्री और सोनिया गांधी को भी लिखा था। पर उन्होंने भी इसका जवाब नहीं दिया। धूमल ने मांग की कि आज जब प्रदेश की वित्तीय स्थिति बहुत ही नाजुक है और सरकार कर्ज के सहारे चल रही है, प्रदेश के तीनों विश्वविद्यालय सरकार से वित्तीय अनुदान की गुहार लगा रहे हैं, हिमाचल पथ परिवहन निगम के पेंशनरों को महीनों से पेंशन नहीं मिल रही। विवि के पेंशनरों को पेंशन के लिए कोर्ट जाना पड़ रहा है। होम गार्ड्स को पिछले दो महीनों से वेतन नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में कांग्रेस सरकार केंद्र सरकार से 10 हजार करोड़ रुपये रिलीज करवाए।