शिमला। आचार संहिता से पूर्व चयन होने के बावजूद नियुक्ति न होने से निराश कंप्यूटर शिक्षक अब हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। रविवार को शिमला में हुई प्रदेश स्तरीय बैठक में यह फैसला लिया गया। बैठक में पीजीटी आईपी (इन्फार्मेशन प्रैक्टिसिस) संघ और शिक्षक क्रांति मंच के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। संघ के अध्यक्ष भूपेंद्र शर्मा ने बताया कि करीब 762 पीजीटी आईपी और 90 पूर्व सैनिकों के आश्रितों का चयन हुए करीब तीन महीने पूरे होने को आए हैं, लेकिन शिक्षा विभाग ने अभी तक नियुक्ति नहीं दी है। बैठक में हिमाचल शिक्षक क्रांति मंच के अध्यक्ष विजय हीर के अलावा संघ के प्रतिनिधियों मनसाराम, सुशील, पंकज शर्मा, हरीश, प्रदीप कुमार सहित कई सदस्य शामिल हुए। इसके अलावा भूपेंद्र शर्मा ने बताया कि 24 दिसंबर, 2013 को प्रदेश अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड हमीरपुर ने साक्षात्कार और लिखित परीक्षा का अंतिम परिणाम घोषित किया था और केवल इन शिक्षकों को नियुक्ति देना बाकी था, लेकिन आचार संहित से पूर्व पुलिस वेरिफिकेशन और अन्य औपचारिकताओं को पूर्ण करने के अभाव में नियुक्ति नहीं होने से 762 शिक्षकों का भविष्य आधार में लटका हुआ है। इस कारण बेरोजगार शिक्षकों को प्रतिमाह 14,500 रुपये की आर्थिक क्षति हो रही है। ऐसे में कंप्यूटर शिक्षक न होने से आईटी शिक्षा प्रभावित हो रही है। गौरतलब है कि आचार संहित में नियुक्तियों की विशेष आज्ञा के लिए भी चुनाव आयोग को गत सप्ताह पत्र भेजा गया, लेकिन अब तक अनुमति न मिल पाने से मायूस शिक्षकों ने एक याचिका हाईकोर्ट ले जाने की तैयारी कर दी है।