शिमला। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नरेंद्र चौहान ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी स्पष्टीकरण के अनुसार तिब्बती शरणार्थियों के वे बच्चे मतदाता सूचियों में अपना नाम दर्ज करवाने के पात्र होंगे, जिनका जन्म भारत में 26 जनवरी, 1950 के पश्चात तथा प्रथम जुलाई, 1987 से पूर्व हुआ हो। इसके अलावा, आवेदक संबंधित चुनाव क्षेत्र का निवासी होना चाहिए, जहां से उसने नामांकन के लिए आवेदन किया है। चौहान ने कहा कि नागरिकता अधिनियम 1955 के अनुच्छेद 3 (1)(ए) के अंतर्गत उपरोक्त समयावधि के दौरान जन्मे तिब्बती शरणार्थियों के बच्चे भारतीय नागरिक माने जाएंगे। उन्होंने कहा कि संबंधित निर्वाचन अधिकारी उक्त तथ्यों की जांच के उपरांत ऐसे सभी तिब्बती शरणार्थियों के बच्चों का नामांकन करने से इनकार नहीं कर सकते।