शिमला। भारत निर्वाचन आयोग ने हिमाचल सरकार को उन सभी अफसरों को गृह जिलों से हटाने के निर्देश दिए हैं, जो किसी न किसी रूप में चुनाव कार्य में लगे हुए हैं। ऐसे अधिकारियों को भी बदलने को कहा गया है, जो तीन साल या इससे अधिक समय से एक ही पद पर हैं। ये निर्देश मुख्य सचिव को भेजे गए हैं। कार्यवाहक मुख्य सचिव पी. मित्रा ने इन निर्देशों के मुताबिक कार्रवाई करने के लिए प्रधान सचिव कार्मिक विभाग और डीजीपी को लिखा है।
राज्य में बीडीओ, तहसीलदार से लेकर डीसी तक चुनावी कार्य वाले अफसर माने जाते हैं। हाल ही में भाजपा ने संगड़ाह के बीडीओ की शिकायत चुनाव आयोग से की थी। पार्टी का कहना था कि उक्त अफसर सिरमौर जिले से ही है और कांग्रेस को फायदा पहुंचाने के लिए स्थानीय निकाय प्रतिनिधियों को धमका रहा है।
हालांकि, प्रशासनिक अफसरों में तो सरकार ने तीन साल के फार्मूले के आधार पर पहले ही अफसरों को बदल दिया था। डीजीपी को भी कहा गया है कि वह सुनिश्चित करें कि पुलिस अफसरों में चुनाव ड्यूटी पर ऐसा कोई अफसर न हो, जो या तो तीन साल से एक स्थान पर हो या फिर गृह जिले में हो। कार्यवाहक मुख्य सचिव पी. मित्रा ने कहा कि चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुपालना के आदेश दिए गए हैं।
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दिल्ली भेजा बीडीओ-स्कूल प्रिंसिपल का केस
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बीडीओ संगड़ाह और हमीरपुर सीनियर सेकेंडरी स्कूल (ब्वायज) के प्रिंसिपल को लेकर रिपोर्ट निर्वाचन आयोग को दिल्ली भेजी है। हिमाचल भाजपा ने इस बारे में निर्वाचन आयोग को शिकायत भेजी थी। इन दोनों को अब इनके पदों से जल्द हटाया जा सकता है। इस बारे में संबंधित महकमों से भी जवाब मांगा गया था।