शिमला। उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने विधानसभा में कहा कि राज्य सरकार उन उद्योगों के आवंटित प्लाट वापस लेगी, जिन्होंने लंबे समय से इन पर काम शुरू नहीं किया है। इस बारे में उद्योग विभाग फाइनल नोटिस जारी कर रहा है। वह प्रश्नकाल के दौरान नूरपुर के विधायक अजय महाजन के सवाल का जवाब दे रहे थे।
मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि नूरपुर के राजा का बाग औद्योगिक क्षेत्र में कई उद्योगों को प्लाट दिए गए हैं। इनमें से वर्तमान में मैसर्ज मून मार्क्स फार्मा, क्वालिटी फार्मा, लनित फार्मा, स्पार्क फूड्स और हिमाचल सीमेंट इंडस्ट्रीज ही काम कर रहे हैं। इस औद्योगिक क्षेत्र में वर्ष 2006 में एक फर्म कैंडिक्स फिलामेंट्स को 12 से लेकर 45 तक कुल 35 प्लाट्स दिए गए। इस उद्योग ने यहां तौलिए बनाने की इंडस्ट्री लगानी थी। इनमें 91 करोड़ का निवेश होना था। औद्योगिक क्षेत्र के विकास पर उद्योग विभाग ने 1.77 करोड़ खर्चे। वन विभाग में भी फारेस्ट के बदले 34 लाख भरे, लेकिन आज तक उद्योग नहीं लगा। इसे भी अब अंतिम नोटिस दिया जा रहा है। इस जमीन को फिर अन्य इच्छुक उद्योगों में आवंटित किया जाएगा।
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रेत-बजरी पर उदार है खनन विंग
उद्योग मंत्री अग्निहोत्री ने लाहौल में रेत बजरी की कमी को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि उद्योग विभाग का खनन विंग प्रदेश के लोगों की जरूरत को देखते हुए काफी उदार रवैया अपनाए हुए है। ग्रीन ट्रिब्यूनल की ओर से खनन पर लगाई गई रोक के कारण यह दिक्कत है। हालांकि, उन्होंने कहा कि लाहौल स्पीति में कुल 8 स्टोर क्रशर हैं और इनमें से 4 चल रहे हैं। फिर भी यदि निर्माण कार्यों के लिए सामग्री की कमी हो तो संबंधित विभाग या विधायक उनके ध्यान में इसे लाएं ताकि कोई समाधान निकाला जा सके।