फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पांच अफसरों पर चलेगा मुकदमा

Thu, 03 Oct 2013 05:40 AM IST
Shimla
विज्ञापन
विज्ञापन
शिमला। हिमाचल सरकार ने पांच मामलों में 12 लोगों के खिलाफ अभियोजन की मंजूरी दी है। इनमें आईपीएच और पीडब्ल्यूडी के 7 अफसर, उद्योग विभाग के महाप्रबंधक, वन विभाग का बीओ और फॉरेस्ट गार्ड, एक ठेकेदार और एक पंचायत प्रधान शामिल हैं। इनमें कई अफसर रिटायर हो चुके हैं। इसके अलावा 9 केस अब भी अभियोजन की मंजूरी के बिना लंबित हैं। विजिलेंस के एडीजीपी पृथ्वीराज ने बताया कि 5 मामलों में सरकार से अभियोजन की मंजूरी मिली है। कई और मामले सरकार के पास मंजूरी को भेजे हैं। यह रूटीन प्रक्रिया है। कांगड़ा के शाहनहर प्रोजेक्ट में अनियमितता का मामला 5 अफसरों और एक ठेकेदार के खिलाफ है। विजिलेंस जांच में आरोपी बनाए गए आईपीएच के रिटायर्ड एक्सईएन वीके चोपड़ा, एक्सईएन राजमल ठाकुर, रिटायर्ड एसडीओ एसएस बैंस, एसडीओ श्याम सिंह, एसडीओ आरके सूद के अलावा सरकारी कांट्रेक्टर मनमोहन सिंह के खिलाफ अभियोजन की मंजूरी मिली है।
विज्ञापन

यह केस वर्ष 2006-07 का है। लोक निर्माण विभाग काजा में कार्यरत रहे पूर्व एसडीओ अनिल कुमार और जेई रोशन लाल को 16 अक्तूबर 2009 को करीब पांच लाख 18 हजार से अधिक की राशि के साथ मनाली के बाहंग में गिरफ्तार किया था। इस मामले में भी विजिलेंस को मंजूरी मिली है। कानूनी राय लेने के बाद शीघ्र कोर्ट में केस रखे जाएंगे। जिला उद्योग केंद्र कुल्लू के पूर्व जीएम संजय शर्मा को 10 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। कुल्लू के वन विभाग में कार्यरत पूर्व बीओ धर्मचंद और फॉरेस्ट गार्ड पर लकड़ी तस्करों के खिलाफ कार्रवाई न करने और उनके साथ संलिप्तता का आरोप लगा। विजिलेंस का दावा है कि जांच में ये आरोप सही पाए गए। इसी केस में 300 से अधिक पेड़ों के कटान के बाद विजिलेंस ने एक लाख 87 हजार की लकड़ी भी बरामद की। इसके अलावा हमीरपुर के बरसाल पंचायत के पूर्व प्रधान सुभाष चंद के खिलाफ धोखाधड़ी मामले में भी सरकार ने मुकदमा चलाने की अनुमति दे दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें