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नौकरी का झांसा देेकर पैसे ठगने वाले विदेशी को जेल

Sat, 13 Apr 2013 05:30 AM IST
Shimla
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शिमला। बहुराष्ट्रीय कंपनी में नौकरी का झांसा देकर पैसे ऐंठने वाले नाइजीरिया के एक नागरिक को दो साल कैद की सजा सुनाई गई। छह नंबर कोर्ट के न्यायाधीश कपिल शर्मा की अदालत ने शुक्रवार को यह फैसला सुनाया। इस पूरे मामले की तहकीकात सीआईडी ने पीड़ित व्यक्ति की शिकायत मिलने के बाद की। आरोपी जोसफ को विभिन्न धाराओं के तहत दो साल कैद और साढ़े पांच हजार जुर्माना भरने की सजा सुनाई गई है। सरकार की ओर से मामले की पैरवी सहायक जिला न्यायवादी रीना चौहान ने की है।
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हेम शंकर शर्मा बस स्टैंड के निवासी हैं। उन्होंने ई-मेल पर नौकरी के लिए अपना बायोडाटा भेज रखा था। 25 फरवरी 2102 को उन्हें एक ई-मेल मिली। इसमें लिख रखा था कि आपको मारुति सुजुकि इंडिया में नौकरी के लिए शार्टलिस्ट किया गया है। अगर आप यह नौकरी पाना चाहते हैं तो ई-मेल में दिए गए बैंक एकाउंट नंबर पर 12,500 रुपये इंटरव्यू कैश सिक्योरिटी के तौर पर जमा करवाएं। इस राशि को बाद में वापस कर दिया जाएगा। इसके अलावा संपर्क करने के लिए कुछ फोन नंबर भी दे रखे थे। पैसा जमा करवाने के बाद 27 फरवरी 2012 को हेम शंकर को फोन आया। कहा कि 18,400 रुपये एक बार फिर जमा करवाएं। तब तक शातिर हेम शंकर से उनकी सभी बैंक डिटेल भी ले चुके थे। इस पर हेम को शक हुआ। उन्होंने अपने स्तर पर पता किया तो यह ई-मेल आईडी फर्जी निकली। तब तक उनके खाते में जमा 86 हजार भी शातिरों ने निकाल लिए थे। इसका हेम को पता तक नहीं था। खुद के साथ ठगी का पता चलने पर हेम ने इसकी शिकायत सीआईडी से की। सीआईडी ने हेम से आरोपियों के मोबाइल नंबर, बैंक खाता नंबर सहित जांच में काम आने वाली सभी जानकारियां हासिल कर लीं। इसके बाद सीआईडी जांच करते-करते दिल्ली तक पहुंच गई। यहां हाउस नंबर 126 मालवी नगर दिल्ली से ठगी के मामले में जोजफ को गिरफ्तार कर लिया गया।
फ्लैट की तलाशी करने पर एक लैपटॉप, पांच मोबाइल, डाटा कार्ड सहित अन्य सामान मिला। इसका इस्तेमाल हेम के साथ ठगी में किया गया। इसके पास दो पासपोर्ट भी मिले, जिसकी वैधता खत्म हो चुकी थी।
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