शिमला। हिमाचल पथ परिवहन निगम कर्मचारियों को निगम के ध्येय वाक्य ‘सजग साधना - सविनय सेवा’ का पालन करना होगा। एचआरटीसी में कारपोरेट कल्चर लाने की कवायद के तहत स्टाफ को सवारियों से विनम्र व्यवहार करने के निर्देश जारी किए गए हैं। इतना ही नहीं, ड्राइवर-कंडक्टर द्वारा सवारियों के साथ दुर्व्यवहार करने के मामलों में अब संबंधित क्षेत्रीय प्रबंधक की जवाबदेही भी तय की गई है।
एचआरटीसी के ड्राइवर-कंडक्टर अब गाड़ी चलाने, टिकट काटने व सीटी बजाने के अलावा बसों में चढ़ने उतरने पर सवारियों की मदद भी करेंगे। एचआरटीसी एमडी कार्यालय की ओर से जारी निर्देशों के तहत ड्यूटी के दौरान स्टाफ के वर्दी में रहने, बस में आवश्यक टूल मौजूद रखने, बस में अनावश्यक साज सज्जा से परहेज करने व गाड़ी को साफ सुथरा रखने के निर्देश हैं। एचआरटीसी के निरीक्षण स्टाफ (इंस्पेक्टरों) को भी टिकटों के अलावा अन्य व्यवस्थाएं जांचने के निर्देश दिए गए हैं। परिचालकों के लिए टिकट में डेट पंच करना अनिवार्य कर दिया गया है। मुख्य कार्यालय की ओर से जारी निर्देशों को सख्ती से लागू करवाने के लिए निरीक्षण स्टाफ को आदेश दिए गए हैं।
फ्रंट सीट पर नहीं बैठेंगे कंडक्टर
एचआरटीसी की लांग रूट, लोकल व नॉन स्टाप बसाें में दिन के समय कंडक्टर फ्रंट सीट पर नहीं बैठेंगे। इसे लेकर एचआरटीसी एमडी कार्यालय से आदेश जारी हुए हैं। फ्रंट सीट भी यात्रियों के लिए खाली रहेगी और यदि चालक परिचालक सवारी को फ्रंट सीट पर बैठने से रोकते हैं तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अफसर नहीं सुनते तो एमडी से करें शिकायत
बसों में यदि यात्रियों से चालक परिचालक दुर्व्यवहार करते हैं तो इसकी शिकायत बस में अंकित नंबर पर करें। बस में लिखे नंबरों पर यदि अधिकारी फोन नहीं सुनते या संतोषजनक जवाब नहीं देते तो इसकी शिकायत सीधे एचआरटीसी के एमडी को ई-मेल अथवा ई-समाधान पर की जा सकती है।