शिमला। राज्य सचिवालय में शनिवार को नगर निगम की समस्याओं पर चर्चा हुई। मुख्य सचिव सुदृप्तो राय से मिलने गए मेयर संजय चौहान और डिप्टी मेयर टिकेंद्र पंवर ने नगर निगम के हक जारी करने की मांग की। मेयर, डिप्टी मेयर ने मुख्य सचिव से एमसी को मर्ज एरिया और कैपिटल ग्रांट जारी करने के अलावा सरकार के अधीन रखे गए शहर के जंगलों को लौटने की मांग की। इसके अलावा नगर निगम के रिक्त चल रहे कर्मचारियों के पदों और एचआरटीसी द्वारा चलाई जा रही टैक्सियों की जगह एमसी को टैक्सियां चलाने को परमिशन देने की मांग की।
मेयर संजय चौहान ने बताया कि मुख्य सचिव को बताया कि शहर में कुछ वार्ड मर्ज किए गए हैं। इनका विकास करने के लिए सरकार द्वारा ग्रांट दी जाती रही है। लेकिन उसे अब बंद कर दिया गया है। यह ग्रांट बंद होने से मर्ज एरिया में विकास प्रभावित हुआ है। यह ग्रांट जल्द से जल्द जारी होनी चाहिए। सरकार को कैपिटल ग्रांट भी दी जानी चाहिए। मेयर ने कहा कि शिमला के जंगलों को निगम के अधीन किया जाना चाहिए ताकि जंगलों से भी निगम की आय में इजाफा हो जाए। मेयर ने कहा कि निगम केवल जंगलों की रखवाली करने के लिए नहीं है। इसके अलावा शहर की सड़कों में टैक्सियां चलाने के लिए नगर निगम को अनुमति दी जाए। उक्त टैक्सियों के माध्यम से निगम के पच्चीस वार्डों के लोगों को एक तो सुविधा मिलेगी दूसरा निगम की आय में भी बढ़ोतरी होगी। इसके अलावा शहर में निगम की सड़कों में गाड़ियों को चलाने के लिए परमिट जारी करने की भी निगम का अनुमति देने की मांग की गई।
मेयर और डिप्टी मेयर ने नगर निगम में चल रही स्टाफ की कमी के चलते शहर के लोगों को पेश आ रही दिक्कतों से भी मुख्य सचिव को अवगत कराया। कहा निगम में स्टाफ की भर्ती करने की परमिशन नगर निगम को दी जाए। इसके अलावा निगम कर्मियों को पेश आ रही समस्याओं को भी उठाया। उधर, मुख्य सचिव सुदृप्तो राय ने मेयर और डिप्टी मेयर को आश्वस्त किया है कि सभी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाएगा।