शिमला। राजधानी में गैस एजेंसियां अब सिलेंडरों की ढुलाई किए बिना उपभोक्ताओं से जबरन पंद्रह रुपये वसूल नहीं कर सकेंगी। गैस एजेंसी से सप्लाई लेने के लिए उपभोक्ता को 412 रुपये चुकाने होंगे। इसके लिए उपभोक्ताओं को गैस एजेंसियों में अपना पंजीकरण करवाना होगा। होम डिलीवरी की चाह रखने वाले लोगों को गैस सिलेंडर 462 रुपये में पड़ेगा। वीरवार को उपायुक्त की अध्यक्षता में गैस कंपनियों और एजेंसियों के साथ हुई बैठक में यह फैसला लिया गया।
उपायुक्त शिमला सुभाशीष पांडा ने गैस एजेंसियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा जो उपभोक्ता ‘कैश एंड कैरी’ के इच्छुक होंगे। उन्हें गैस एजेंसी से गैस सिलेंडर 412 रुपये में मिलेगा। इसके लिए उपभोक्ता को गैस एजेंसी में अपना पंजीकरण करवाना होगा। जो उपभोक्ता पंजीकरण नहीं करवाएंगे, उन्हें होम डिलीवरी की श्रेणी में रखा जाएगा तथा उन्हें गैस सिलेंडर खरीदने के लिए 462 रुपये चुकाने होंगे। घर में गैस पहुंचाने के लिए पचास रुपये लगेंगे। 35 रुपये की मजदूरी जिला प्रशासन ने तय की है तथा पंद्रह रुपये केंद्र सरकार ने पहाड़ी राज्यों में विशेष मजदूरी देने की अधिसूचना जारी की है।
बैठक में गैस कंपनियों और एजेंसियों को पेश आ रही समस्याओं पर भी चर्चा की गई। इस दौरान खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के नियंत्रक रमेश गंगोत्रा, निरीक्षण श्रवण कुमार हिमालयन, राजेंद्र झागटा, आईओसी से रजत घरसंगी, भारत पेट्रोलियम से चिराग मिनौचा सहित कई अन्य एजेंसी संचालक मौजूद रहे।
- डीसी बोले, सभी से क्यों भरवा रहे हो केवाईसी
बैठक के दौरान उपायुक्त शिमला ने गैस एजेंसियों को हिदायत देते हुए केवाईसी फार्म सिर्फ पात्र उपभोक्ताओं से भरवाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा एजेंसियों के पास सेम नेम, सेम एड्रेस और डिफरेंट नेम, सेम एड्रेस वाले उपभोक्ताओं का ब्यौरा है। इन उपभोक्ताओं को सूचित किया जाए तथा अन्य उपभोक्ताओं को बेवजह परेशान न किया जाए।
- ब्लू बुक में एंट्री जरूर करवाएं उपभोक्ता
उपायुक्त ने शहर के गैस सिलेंडर उपभोक्ताओं से ब्लू बुक में एंट्री करवाने की अपील की। उन्होंने कहा उपभोक्ताओं को स्वयं जागरूक होना पड़ेगा। अपने अधिकारों का उपभोक्ता पालन करें।
- नॉन सब्सिडी कनेक्शन पर नहीं है रोक
शहर में नया गैस कनेक्शन लेेने वाले उपभोक्ताओं को गैस कंपनियों ने राहत देते हुए नॉन सब्सिडी वाला कनेक्शन देने की बात कही है। इस कनेक्शन की एक माह के भीतर वैरिफिकेशन की जाएगी। उपभोक्ता का अगर कहीं और गैस कनेक्शन नहीं मिला तो एक माह के भीतर नॉन सब्सिडी वाले कनेक्शन को सब्सिडी वाले कनेक्शन में तब्दील कर दिया जाएगा।
नोटिफिकेशन की आड़ में चल रहा था गोरखधंधा
केंद्र सरकार की अधिसूचना की आड़ में गैस एजेंसियां पंद्रह रुपये की अतिरिक्त वसूली का गोरखधंधा चल रहा था। केंद्र सरकार की अधिसूचना में कहा गया है कि यह पंद्रह रुपये होम डिलीवरी पर ही वसूले जाएं। जबकि गैस एजेंसियां बिना होम डिलीवरी के भी उपभोक्ताओं से पंद्रह रुपये वसूल रही थी। 412 रुपये में पड़ने वाला सिलेंडर सिलेंडर 427 रुपये में दिया जा रहा था।