शिमला। शहरी विकास विभाग के प्रधान सचिव एआर सिहाग की अध्यक्षता में मंगलवार को जेएनएनयूआरएम प्रोजेक्ट के तहत चल रहे कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रधान सचिव ने सभी विभागों से पेंडिंग कार्यों में तेजी लाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा निर्धारित समय और निर्धारित बजट में जेएनएनयूआरएम के फेज वन के कार्यों को पूरा किया जाए ताकि फेज दो के कार्यों को मंजूरी के लिए भेजा जा सके।
इधर उल्लेखनीय है कि यूं तो जवाहर लाल नेहरू शहरी नवीनीकरण मिशन (जेएनएनयूआरएम) का पहला चरण समाप्त हो चुका है लेकिन अभी भी निगम के कुछ प्रोजैक्ट फाइलों में ही कैद हैं। प्रस्तावित 3898 करोड़ का निवेश करीब 200 करोड़ का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाया है। नगर निगम की सीमा के तहत तीन विधानसभा क्षेत्र आते हैं। ऐसे में यदि केंद्र प्रायोजित और नगर निगम के प्रस्तावित 3898 करोड़ रुपए पर गंभीरता दिखाई गई होती तो नगर निगम की सीमा के तहत आने वाले तीन विधानसभा क्षेत्रों के लोगों को कई प्रकार की सुविधा मुहैया हो पाती। इतना ही नहीं पर्यटन की दृष्टि से भी शहर को चार चांद लगते।
3898.2 करोड़ रुपए के प्रस्तावित निवेश पर गतिरोधों के कारण डीपीआर समय पर तैयार नहीं हुई। जिन प्रोजैक्ट की डीपीआर स्वीकृत हुई उनकी राशि खर्च करने में भी कई अड़चनें निगम के सामने हैं। जल एवं सीवरेज प्रोजैक्ट जोकि 250 करोड़ रुपए का है कि अभी टेंडर प्रक्रिया भी पूरी नहीं हो सकी है। शहरी गरीबों के लिए स्वीकृत प्रोजैक्ट पर निगम अभी सस्ते ठेकेदार ढूंढ रहा है। वहीं सिटी सैनिटेशन, सिटी ब्यूटीफिकेशन आदि प्रोजैक्ट स्वीकृत होने की प्रक्रिया में जस के तस फाइलों मे दौड़ रहे हैं।
ऐसा होना था निवेश
विवरण कुल खर्च (करोड़ रुपए)
सड़कें और परिवहन 969.0
डीकंजेशन 41.7
वर्षा एवं जल निकास 14.1
जल आपूर्ति 655.6
सीवरेज 178.6
प्रशासन सुधार 30.5
योजना कार्यकुशलता 10.0
ठोस कचरा 29.8
पर्यटन 66.0
पर्यावरण एवं वन 22.0
डिजास्टर मैनेजमेंट 25.1
हैरिटेज संरक्षण 229.0
आवास 1000.0
शहरी गरीबी 627
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कुल प्रस्तावित निवेश 3898 करोड़ रुपए
केंद्रीय सहायता 2143 करोड़
प्रदेश का हिस्सा 525 करोड़
निगम का हिस्सा 29 करोड़
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इन प्रोजैक्ट पर हुआ काम स्टेटस लागत (करीब)
ठोस कचरा संयंत्र प्लांट का कार्य पूरा 30 करोड़
आकलैंड टनल कार्य पूरा 10 करोड़
जल गतिरोध 75 करोड़
शहरी यातायात 75 बसें खरीदीं पूरा 8 करोड़
सीवरेज गतिरोध 170 करोड़
आशियान-वन शुरू नहीं 10 करोड़
आशियाना-टू शुरू नहीं 14 करोड़
ई-गर्वनेंस शुरू नहीं 12 करोड़
लैंडफिल साइट शुरू नहीं 10 करोड़
सलाटर हाउस अधर में 26 करोड़
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फाइलों में दौड़ रहे यह प्रोजेक्ट
प्रापर्टी टैक्स रिफार्म, काप्रिहैंसिव मूविलिटी प्लान, शिमला ब्यूटीफिकेशन प्लान, स्लाटर हाउस, माल रोड़ टाऊन हाल का जीर्णोद्धार, संजौली-ढली टनल और बस खरीद का प्रोजैक्ट।