शिमला। नगर निगम की ओर से ग्रीन टैक्स में दी गई छूट एक माह में खत्म होने वाली है। इस दौरान नंबर बदलवाने में चूक गए तो अपने ही शहर में आने जाने के लिए आपको जेब ढीली करनी पड़ेगी। राजधानी में स्थानीय लोगों को ग्रीन टैक्स वसूली में दी गई छूट 15 दिसंबर को खत्म हो जाएगी। नगर निगम की ओर से छूट 3 माह की दी गई थी। नगर निगम प्रशासन के पास कागजात जमा करवाकर करीब 70 लोग ग्रीन टैक्स वसूली से छूट पा रहे हैं।
ऐसे बदला जा सकता है गाड़ी का नंबर
नियमों के मुताबिक जिस स्थान पर गाड़ी पंजीकृत है, वहां फार्म-28 भर कर वाहन का नंबर बदला जा सकता है। फार्म के अतिरिक्त अन्य दस्तावेज उपलब्ध करवाने भी आवश्यक हैं।
गाड़ी के पंजीकरण का प्रमाण पत्र
इंश्योरेंस की कापी
चेसी का पेंसिल प्रिंट
नेशनल क्राइम ब्यूरो का प्रमाण पत्र
गाड़ी के मालिक का पहचान पत्र
पंजीकरण के दौरान औपचारिकताएं
फार्म 20 - गाड़ी की पासिंग का विवरण
फार्म 21, 22 - डीलर की ओर से जारी पत्र
फार्म 34 - यदि गाड़ी फाइनेंस की गई है तो अनिवार्य
पेन कार्ड की प्रति
चेसी इंजन का पेंसिल प्रिंट
इंश्योरेंस की कापी
आवासीय प्रमाण पत्र
डेट आफ बर्थ सर्टिफिकेट
वैट पेड स्लिप
क्या कहता है मोटर व्हीकल एक्ट
मोटर व्हीकल एक्ट के तहत यदि 3 माह के भीतर गाड़ी में लोकल नंबर प्लेट को नहीं लगाया जाता तो परिवहन विभाग कार्यवाई करते हुए मालिक को जुर्माना कर सकता है।
शहर में 4 जगह लगे हैं बैरियर
नगर निगम की ओर से ग्रीन टैक्स वसूली के लिए शहर में चार जगह बैरियर लगाए गए हैं। टैक्स वसूली के लिए एनएच 22 पर तारादेवी, टुटू के समीप तवी, मैहली के पास पुलिस चौकी और ढली में बैरियर स्थापित किए गए हैं।
इन वाहनों को टैक्स में छूट
एंबुलेंस, रक्षा मंत्रालय, वीरता पुरस्कार विजेताओं सहित प्रदेश के मंत्रियों, विधायकों, स्पीकर, डिप्टी स्पीकर, हाईकोर्ट शिमला के न्यायाधीश, सांसद और विधायक।
ग्रीन टैक्स की दरें
गाड़ियां फीस
टू व्हीलर : 100
कार, जीप : 200
बड़ी गाड़ियां : 300
बस, ट्रक : 500 (दरें रुपये में)
नोट : एक बार दी गई फीस सात दिन के लिए मान्य है।