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ठियोग में अटकी दिग्गजों की सांसें

Mon, 29 Oct 2012 12:00 PM IST
Shimla
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ठियोग। विधानसभा चुनावों में पूरे प्रदेश की नजरे ठियोग-कुमारसैन हलके पर टिकी हैं। यहां सात बार विधायक रह चुकीं कांग्रेस विधायक दल की नेता विद्या स्टोक्स, दो बार के निर्दलीय विधायक राकेश वर्मा, पूर्व विधायक व सीपीआईएम राज्य सचिव राकेश सिंघा और तृणमूल कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रमोद शर्मा चुनावी जंग लड़ रहे हैं। निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में भाजपा के बागी रामलाल शर्मा दिग्गजों के सियासी समीकरण बिगाड़ सकते हैं। बेहद हाट सीट पर वोटरों की चुप्पी ने सभी दिग्गजों की सांसें अटका रखी हैं।
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ठियोग विधानसभा क्षेत्र के प्रत्येक कोेने में कांग्रेसी वोट बैंक और वीरभद्र का साथ विद्या स्टोक्स की ताकत माना जा रहा है। लेकिन ठियोग विधानसभा क्षेत्र छोड़ने के बाद 10 सालों तक आम जनता से लाइव संपर्क का अभाव उनके लिए थोड़ी दिक्कत का सबब भी है। दो बार निर्दलीय चुनाव जीते और इस बार भाजपा प्रत्याशी राकेश वर्मा ठियोग में सड़कों के मसीहा जाने जाते हैं, लेकिन इस दफा उनके लिए भी हालात उतने अनुकूल नहीं हैं, जितने पिछले दो चुनावों में थे। परिसीमन में वर्मा के गृह क्षेत्र की 9 पंचायतें चौपाल में चली गई हैं। कभी ठियोग तो कभी चौपाल से चुनाव लड़ने की घोषणाओं से उनके कई सहयोगी छिटक कर दूसरे प्रत्याशियों के साथ तालमेल बना रहे है। ठियोग का पुराना भाजपा मंडल पार्टी छोड़ निर्दलीय चुनाव लड़ रहे पार्टी के पुराने कार्यकर्ता रामलाल शर्मा के साथ जुड़ गया है।
माकपा नेता राकेश सिंघा की किसानों, बागवानों, मजदूर तबके व युवाओं में अच्छी पैंठ हैं। संघर्ष के बूते ठियोग कालेज, अग्निशमन केंद्र, सिलेंडर आवंटन और बिजली समस्या आदि के हल को वामपंथी अपनी उपलब्धि बता रहे हैं। हालांकि समाज के अन्य तबकों में अभी तक पकड़ न बनना माकपा का कमजोर पहलू है। तृणमूल कांग्रेस प्रत्याशी प्रमोद शर्मा उच्च शैक्षणिक योग्यता के चलते प्रबुद्ध वर्ग के पसंदीदा हैं। लेकिन बीते 5 सालों में जनता से सीधा संपर्क न होने के कारण उन्हें अधिक पसीना बहाना पड़ रहा है। धरती पुत्र का नारा बुलंद करने वाले जिला परिषद सदस्य रामलाल शर्मा ठियोग की 16 पंचायतों में काम के बूते अच्छा प्रभाव दिखा रहे है। हालांकि कुमारसैन में इनकी पकड़ ना के बराबर है। इसके अलावा निर्र्दलीय प्रत्याशी रोशन लाल भी अपने लिए जमीन तलाशने में जुटे हुए हैं। प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला 73,584 मतदाताओं की मुट्ठी में बंद है जो फिलहाल पूरी तरह चुप्पी साधे हुए है।
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सरकारों की किसान-बागवान विरोधी नीतियों के खिलाफ व पेयजल, सड़क व स्वास्थ्य की बेहतर सुविधाओं के मुद्दे पर हम चुनाव मैदान में हैं। हमें गरीबों, युवाओं व मेहनतकश लोगों का पूरा समर्थन हासिल है।
-राकेश सिंघा, सीपीआईएम प्रत्याशी
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लोग महंगाई, भ्रष्टाचार व बेरोजगारी की समस्या से जूझ रहे हैं। गरीबों की आवाज बुलंद करने और गांवों की सुरत बदलने के लिए हम चुनाव लड़ रहे हैं। व्यवस्था परिवर्तन हमारा मुद्दा है।
- प्रमोेद शर्र्मा, टीएमसी प्रत्याशी
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गांवों का विकास मेरा मुद्दा है। ठियोग में बस स्टैंड, बाईपास, सब्जीमंडी व पार्किंग निर्माण मेरी प्राथमिकता रहेगी।अभी तक अपने क्षेत्र की पंचायतों में विकास करवाया है, पूरे निर्वाचन क्षेत्र में यह क्रम जारी रखना है।
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- रामलाल शर्मा

ठियोग-कुमारसैन क्षेत्र में सड़क, सिंचाई योजनाओं व पेयजल नेटवर्क के विस्तार के मुद्दे पर चुनाव लड़ा जा रहा है। क्षेत्र का विकास अहम मुद्दा है।
- राकेश वर्मा, भाजपा प्रत्याशी
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केंद्र की जनहितकारी योजनों को प्रभावी ढंग से लागू कर अधिक से अधिक लोगों को लाभान्वित
किया जाएगा। क्षेत्र का विकास कर ठियोग-कुमारसैन में बुनियादी सुविधाएं मुहैया करवाई जाऐंगी।
- विद्या स्टोक्स, कांग्रेस प्रत्याशी
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