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World Poetry Day: भारत की मशहूर कवयित्रियां, जिनका साहित्य में रहा विशेष योगदान

Fri, 21 Mar 2025 01:43 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला

सार

इन कवयित्रियों ने अपनी लेखनी के माध्यम से साहित्य को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया और समाज में बदलाव लाने का कार्य किया। उनकी कविताएं आज भी लोगों को प्रेरणा देती हैं और भारतीय साहित्य की धरोहर हैं।  
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विश्व कविता दिवस - फोटो : Adobe
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विस्तार
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World Poetry Day 2025: आज विश्व कविता दिवस है। भारतीय साहित्य में महिलाओं की आवाज  हमेशा से सशक्त और प्रभावशाली रही है। कई महिला साहित्यकारों और लेखिकाओं ने अपने लेखन से समाज, प्रेम, नारीवाद और आध्यात्मिक को अभिव्यक्त किया। विश्व कविता दिवस के मौके पर यहां हम भारत की उन प्रसिद्ध कवयित्रियों के बारे में जानेंगे, जिनका योगदान साहित्य जगत में अमूल्य रहा है। इन कवयित्रियों ने अपनी लेखनी के माध्यम से साहित्य को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया और समाज में बदलाव लाने का कार्य किया। उनकी कविताएं आज भी लोगों को प्रेरणा देती हैं और भारतीय साहित्य की धरोहर हैं।  

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महादेवी वर्मा

महादेवी वर्मा छायावादी युग की प्रमुख कवयित्री हैं। उनकी प्रमुख कृतियों में नीहार, रश्मि, दीपशिखा, यामा शामिल हैं। महादेवी वर्मा हिंदी साहित्य की पहली आधुनिक कवयित्रियों में से एक थीं। उनकी कविताओं में नारी स्वतंत्रता, करुणा और आध्यात्मिकता का गहरा प्रभाव दिखता है। उन्हें ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।  

सुभद्रा कुमारी चौहान

वीर रस की प्रमुख कवयित्री  सुभद्रा कुमारी चौहान ने झांसी की रानी, वीरों का कैसा हो बसंत जैसी रचनाएं लिखीं। सुभद्रा कुमारी चौहान की कविताएं देशभक्ति और स्वतंत्रता संग्राम की भावना से ओत-प्रोत थीं। उनकी प्रसिद्ध कविता "झांसी की रानी", आज भी वीर रस की श्रेष्ठ रचनाओं में गिनी जाती है।  
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अमृता प्रीतम

पंजाबी और हिंदी साहित्य की प्रतिष्ठित कवयित्री ने अज्ज आखाँ वारिस शाह नूं, पिंजर, रसीदी टिकट आदि रचनाएं प्रकाशित की। अमृता प्रीतम की कविताएं प्रेम, समाज और भारत-पाक विभाजन के दर्द को उकेरती हैं। उनकी कविता "अज्ज आखाँ वारिस शाह नूं" विभाजन के दौरान हुई त्रासदी को व्यक्त करने वाली सबसे सशक्त रचनाओं में से एक मानी जाती है।  

मीरा बाई

मीरा बाई भक्तिकाल की प्रसिद्ध संत कवयित्री हैं। मीरा बाई ने अपनी कविताओं और भजनों में कृष्ण भक्ति को समर्पित किया। उनकी रचनाओं में प्रेम, समर्पण और ईश्वर के प्रति असीम भक्ति झलकती है। उनके भजन आज भी भक्तों के बीच लोकप्रिय हैं। उन्होंने पदावलियां, भजन संग्रह प्रकाशित किया।  


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सरोजिनी नायडू

सरोजिनी नायडू को नाइटिंगेल ऑफ इंडिया कहा जाता है। उन्होंने अंग्रेजी भाषा में लेखन किया। उनकी कृतियों में द गोल्डन थ्रेसोल्ड, द बर्ड ऑफ टाइम, द ब्रोकन विंग शामिल हैं। सरोजिनी नायडू स्वतंत्रता सेनानी और प्रतिभाशाली कवयित्री थीं। उनकी कविताओं में प्राकृतिक सौंदर्य, देशभक्ति और प्रेम का सुंदर समन्वय देखने को मिलता है।  

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