हिंदी साहित्य में बेहद सुंदर और प्रचलित रचनाएं हैं, जिसे पढ़कर हिंदी की गंभीरता और उनकी उच्चता का पता चलता है। हिंदी साहित्य को उसके आयाम तक पहुंचाने में कई प्रसिद्ध लेखकों का योगदान रहा, जिसमें महिलाएं भी शामिल हैं। हिंदी साहित्य में सराहनीय योगदान देने वाली लेखिकाओं की रचनाओं को बेहद रुचि के साथ लोग पढ़ना पसंद करते हैं।
विश्व हिंदी दिवस के मौके पर ऐसी लेखिकाओं और उनकी रचनाओं के बारे में जानते हैं, जिन्होंने अपनी लेखन शैली से हिंदी साहित्य को और अधिक समृद्ध बनाने में अपना योगदान दिया है।
अमृता प्रीतम
प्रेम के विषय पर रचनाएं पढ़ने वाला हर साहित्य प्रेमी अमृता प्रीतम को जरूर जानता होगा। अमृता प्रीतम का नाम दिल छू लेने वाले साहित्य की रचना करने वाली लेखिकाओं में शामिल है। अमृता प्रीतम एक उपन्यासकार और कवियित्री हैं, जिन्होंने हिंदी और पंजाबी दोनों भाषाओं में लेखन कार्य किया। अमृता प्रीतम को पहली पंजाबी महिला कवि भी कहा जा सकता है। विभाजन के दौर की उनकी कहानी पिंजर महिलाओं की स्थिति को दर्शाती है।
शिवानी
हिंदी साहित्य को उच्च कोटि का साहित्य देने वाली प्रसिद्ध उपन्यासकार शिवानी की रचनाएं उन्नत कोटि की मानी जाती हैं। उनकी शानदार कृतियां हिंदी साहित्य का हिस्सा हैं। शिवानी की हिंदी भाषा के साथ ही संस्कृत, गुजराती, बंगाली, उर्दू और अंग्रेजी भाषा पर भी अच्छी पकड़ रही है। उनकी अधिकतर किताबों में भारत के कुमाऊं की संस्कृति पढ़ने को मिलती है। अधिकतर उपन्यास और कहानियां नारी प्रधान रही हैं।
महादेवी वर्मा
महादेवी वर्मा का नाम हिंदी साहित्य के छायावादी युग की सबसे प्रमुख साहित्यकारों की सूची में शामिल हैं। हिंदी की सर्वाधिक प्रतिभावान कवयित्रियों में से एक महादेवी वर्मा खड़ी बोली हिंदी में कोमल शब्दावली का उपयोग करती थीं। महादेवी वर्मा की प्रमुख रचनाएं आत्मिका, परिक्रमा, संधिनी, यामा, गीतपर्व, दीपगीत, स्मारिका, नीलांबरा आदि हैं।