Shreya Nallamothu in Hindi: श्रेया नल्लामोथु एक भारतीय मूल की अमेरिकी किशोरी (Indian-American Teen Activist) हैं, जिन्होंने बहुत कम उम्र में सोशल मीडिया पर काम करने वाले बच्चों के अधिकारों के लिए आवाज उठाई। उनकी मेहनत और सोच के कारण अमेरिका के इलिनॉय राज्य में चाइल्ड इन्फ्लुएंसर्स (Child Influencers) से जुड़ा पहला कानून बनाया गया, जिससे वे दुनियाभर में चर्चा में आ गईं।
वह सिर्फ एक छात्रा नहीं, बल्कि नई पीढ़ी की आवाज हैं। उन्होंने यह साबित कर दिया कि अगर इरादा मजबूत हो, तो एक आम किशोरी भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ा बदलाव ला सकती है। आज श्रेया लाखों युवाओं, खासकर भारतीय मूल के छात्रों के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं। आइए जानते हैं श्रेया नल्लामोथु के बारे में।
श्रेया नल्लामोथु का भारत से नाता
श्रेया भारतीय मूल के परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके माता-पिता भारत से जुड़े हुए हैं, जबकि श्रेया का जन्म और पालन-पोषण अमेरिका में हुआ। भारतीय संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारी की सोच ने उन्हें कम उम्र में ही समाज के लिए कुछ करने की प्रेरणा दी।
उन्होंने सोशल मीडिया पर काम करने वाले बच्चों (Child Influencers) की सुरक्षा और कमाई के अधिकारों को लेकर एक बड़ा कदम उठाया। आज के समय में कई बच्चे YouTube, Instagram और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर कंटेंट बनाते हैं, लेकिन उनकी कमाई अक्सर उनके माता-पिता या मैनेजर्स के पास चली जाती है। श्रेया ने इस समस्या को गंभीरता से समझा और इसे कानून के जरिए बदलने की कोशिश की।
कैसे शुरू हुआ श्रेया का सफर?
कोरोना महामारी के दौरान श्रेया ने देखा कि,
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छोटे बच्चे रोज़ाना सोशल मीडिया के लिए काम कर रहे हैं
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घंटों शूटिंग होती है, लेकिन बच्चों के अधिकार सुरक्षित नहीं हैं
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उनकी कमाई का कोई कानूनी रिकॉर्ड या सुरक्षा नहीं है
इसी सोच ने श्रेया को रिसर्च करने और नेताओं से संपर्क करने के लिए प्रेरित किया।
श्रेया नल्लामोथु की सबसे बड़ी उपलब्धि
श्रेया ने इलिनॉय के एक स्टेट सीनेटर के साथ मिलकर Child Influencer Protection Law तैयार करने में मदद की। इस कानून के तहत,
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बच्चों की सोशल मीडिया से होने वाली कमाई का एक हिस्सा उनके नाम पर सुरक्षित रखा जाएगा
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बड़े होने पर बच्चा अपनी कमाई का पूरा हिसाब मांग सकता है
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माता-पिता बच्चों की कमाई का गलत इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे
यह कानून अमेरिका में अपनी तरह का पहला कानून माना जा रहा है।