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Nisha Bangre: कौन हैं निशा बांगरे? जिनका इस्तीफा स्वीकार नहीं कर रही थी सरकार, कोर्ट को देना पड़ा दखल

Tue, 24 Oct 2023 03:52 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला

सार

निशा बांगरे राज्य शासन 2018 बैच की अधिकारी हैं। छतरपुर जिले की एसडीएम निशा बांगरे नौकरी से इस्तीफा देकर चुनाव लड़ना चाहती हैं।
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Nisha bangre - फोटो : Facebook
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विस्तार
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प्रशासनिक सेवा में शामिल होना लोगों को सपना होता है, लेकिन हाल ही में एक ऐसी महिला सुर्खियों में हैं, जिन्होंने प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि नौकरी छोड़ना कोई बड़ी बात नहीं, लेकिन उस महिला ने जब इस्तीफा दिया तो सरकार ने उनके इस्तीफे को स्वीकार नहीं किया। महिला ने इसके लिए कानूनी लड़ाई लड़ी और अंत में कोर्ट के दखल के बाद उनका इस्तीफा स्वीकार किया गया। इस महिला का नाम निशा बांगरे है। आइए जानते हैं निशा बांगरे से जुड़ा विवाद, नौकरी से इस्तीफा देने की वजह और सरकार व कोर्ट से नाता।

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कौन हैं निशा बांगरे


निशा बांगरे मध्य प्रदेश की रहने वाली हैं। वह मध्य प्रदेश राज्य के छतरपुर जिले की डिप्टी कलेक्टर थीं। हालांकि उन्होंने अपने पद से इस्तीफा देते हुए सरकार से त्यागपत्र स्वीकार करने का निवेदन किया था। 

 

निशा बांगरे का जीवन परिचय


निशा बांगरे का जन्म बालाघाट में हुआ था। 2010 से 2014 के बीच निशा ने विदिशा के इंजीनियरिंग कॉलेज से पढ़ाई पूरी की। बाद में अमेरिका की बहुराष्ट्रीय कंपनी में नौकरी कर अपने करियर की शुरुआत की। हालांकि बाद में उन्होंने प्रशासनिक सेवा में शामिल होने का फैसला लेते हुए 2016 में मध्य प्रदेश पीएससी की परीक्षा दी। पीएससी परीक्षा में पास होने पर उनका चयन डिप्टी कलेक्टर के पद पर हुआ। 

 

क्यों दिया एसडीएम के पद से इस्तीफा

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निशा बांगरे राज्य शासन 2018 बैच की अधिकारी हैं। छतरपुर जिले की एसडीएम निशा बांगरे नौकरी से इस्तीफा देकर चुनाव लड़ना चाहती हैं। नियमानुसार चुनाव लड़ने के लिए उन्हें अपने प्रशासनिक पद से इस्तीफा देना था, लेकिन सरकार ने उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया। इसके अलावा उन पर विभागीय जांच भी बिठाई गई।

 

कोर्ट के आदेश के बाद सरकार ने किया इस्तीफा स्वीकार


हालांकि निशा बांगरे ने अपने इस्तीफे की मांग को लेकर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाई कोर्ट की दखल के बाद निशा को राहत मिली। सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के आदेश पर शिवराज सरकार व सामान्य प्रशासन विभाग ने लंबे समय बाद निशा बांगरे का त्याग पत्र स्वीकार कर लिया। साथ ही विभागीय जांच भी समाप्त कर दी है। 

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