IAS Pooja Khedkar Biography : भारत की सबसे बड़ी और कठिन परीक्षा संघ लोक सेवा आयोग करवाता है, जिसमें टॉप रैंक हासिल करने वाले अभ्यर्थी देश के सबसे सम्मानित पदों में से एक भारतीय प्रशासनिक सेवा के लिए चयनित होते हैं। आईएएस बनने का सपना लिए लाखों अभ्यर्थी हर साल परीक्षा में बैठते हैं। परीक्षा में रैंक हासिल करने के बाद उनको कैडर दिया जाता है, जहां अभ्यर्थियों की ट्रेनिंग होती है।
आईएएस परीक्षा पास करके ट्रेनिंग कर रही एक अभ्यर्थी इन दिनों चर्चा में है। इस ट्रेनी आईएएस का नाम पूजा खेडकर है। अपनी पहली ज्वाइनिंग में ही ट्रेनी आईएएस पूजा विवादों में आ गई हैं।
आईए जानते हैं कौन हैं पूजा खेडकर और उनसे जुड़ा विवाद।
नौकरशाहों के परिवार से पूजा
पूजा खेडकर नौकरशाहों और राजनेताओं के परिवार से ताल्लुक रखती हैं। पूजा के पिता दिलीपराव खेडकर महाराष्ट्र पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के रिटायर्ड अधिकारी हैं। नाना जगन्नाथ बुधवंत वंजारी समुदाय के पहले आईएएस अफसर थे। पूजा की मां मनोरमा भलगांव की सरपंच हैं।
ट्रेनिंग के दौरान आईएएस पर जांच
पूजा ने पुणे के श्रीमती काशीबाई नवले मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की डिग्री हासिल की। बाद में 2021 में यूपीएससी सीएसई परीक्षा 841 वीं रैंक के साथ उत्तीर्ण की। ट्रेनिंग के बाद इसी वर्ष जून 2024 में उन्हें पुणे कलेक्टर आफिस में पहली नियुक्ति मिली। हालांकि पहली ही नियुक्ति में ट्रेनिंग के दौरान उन पर जांच बैठ गई और इसी बीच उनका ट्रांसफर कर दिया गया।
दरअसल, पूजा पर आरोप है कि दफ्तर ज्वाइन करने से पहले ही उन्होंने अनुचित मांगे शुरू कर दी। कलेक्ट्रेट के कई अफसरों ने इस संबंध में कलेक्टर के पास लिखित शिकायत दी है। जिसके बाद पुणे के डीएम सुहास दिवसे ने मुख्य सचिव से उनकी शिकायत की।
पूजा पर लगे आरोप
- पूजा खेडकर पर आरोप है कि ट्रेनिंग पीरियड के दौरान उन्होंने सरकारी आवास, स्टाफ, गाड़ी और दफ्तर में अलग केबिन की मांग की।
- अपनी निजी ऑडी कार पर लाल-नीली बत्ती और महाराष्ट्र सरकार का लोगो लगाया।
- उन्होंने चोरी के आरोप में गिरफ्तार एक ट्रांसपोर्टर को छोड़ने के लिए डीसीपी रैंक के अधिकारी पर दबाव बनाया।
- उन्होंने आईएएस बनने के लिए झूठे दस्तावेज का इस्तेमाल करते हुए यूपीएससी के फार्म में खुद को ओबीसी नाॅन क्रीमी लेयर बताया।
- पूजा समृद्ध परिवार से हैं। वह खुद लगभग 17 करोड़ की संपत्ति की मालकिन हैं।
- पूजा ने विकलांगता श्रेणी के तहत यूपीएससी का आवेदन पत्र भरा था। दावा किया गया कि वह 40 फीसदी दृष्टिबाधित हैं और किसी मानसिक बीमारी से जूझ रही हैं। हालांकि मेडिकल के दौरान वह हर बार नहीं पहुंची।
- एमबीबीएस कॉलेज में दाखिले के समय भी दस्तावेजों की हेर-फेर के आरोप पूजा पर हैं।