ये पुरस्कार राखी को 26 जनवरी की परेड में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हाथों दिया जाएगा। 11 वर्षीय राखी अपने चार साल के भाई राघव और मां के साथ खेत गई थी। लौटते वक्त राखी भाई के साथ आगे-आगे चल रही थी और मां शालिनी देवी पीछे थीं। तभी जंगली जानवर गुलदार ने राखी के भाई पर हमला कर किया।
गुलदार से बचाने के लिए राखी अपने भाई से लिपट गई। गुलदार के पंजों और नाखूनों से लहूलुहान होने के बावजूद राखी ने भाई को नहीं छोड़ा। इतने में पीछे आ रही मां के चिल्लाने की आवाज सुनकर गुलदार भा गया। इसके बाद राखी का कई अस्पतालों में इलाज हुआ। अब वह पूरी तरह से स्वस्थ है।
इस खबर को अमर उजाला ने सात अक्तूबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। साथ ही अमर उजाला ने ही उत्तराखंड राज्य बाल कल्याम परिषद द्वारा किसी भी बच्चे का नाम राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए नहीं भेजने पर सवाल खड़ा किया था। तब परिषद ने राखी का नाम पुरस्कार के लिए परिषद को भेज दिया था।