सेना के प्रमुख मनोज मुकुंद नरवणे ने पिछले महीने ही महिला अफसरों को सेना के विमानन शाखा में चयन करने की मंजूरी वाले प्रस्ताव को अनुमति दी थी। जिसके बाद सेना में इस महत्वपूर्ण कदम को उठाया गया। बता दें वर्तमान समय में सेना के तीनों अंग आर्मी, नेवी और एयरफोर्स में लगभग 9,118 महिलाएं भर्ती हैं। जो अपने जिंदगी में करियर के जरिए खाश मुकाम हासिल कर रही हैं। वैसे तो वर्तमान में इंडियन एयरफोर्स में 10 महिला फाइटर पायलट हैं। लेकिन बात हेलिकॉप्टर पायलट की आए तो इसमे महिलाओं की संख्या नगण्य है। हालांकि कई सारी महिला पायलट लंबे समय से ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और हेलिकॉप्टर उड़ा रही हैं।
प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के एक महीने के बाद ही दो महिला सैन्य अफसरों को पहली बार हेलिकॉप्टर पायलट की ट्रेनिंग के लिए चुना गया है। ये महिलाएं कॉम्बैट आर्मी एविएशन ट्रेनिंग स्कूल, नासिक में ट्रेनिंग करेंगी। सेना ने बताया अब तक सैन्य विमानन कोर में महिला अफसरों को सिर्फ जमीनी काम सौंपा जाता था। लेकिन अब 15 महिला अफसरों ने सेना के विमानन में शामिल होने की इच्छा जताई थी। इनमें से दो महिला अफसरों को पायलट एप्टीट्यूट बैटरी टेस्ट और मेडिकल प्रोसेस के बाद चुना गया। ये महिलाएं 2022 तक उड़ान ड्यूटी में शामिल होंगी। ये दोनों महिलाएं जुलाई में अपनी ट्रेनिंग पूरी करने के बाद फ्रंट लाइन फ्लाइंग ड्यूटीज निभाएंगी।