खाना पकाने की शौकीन तरला ने शाकाहारी व्यंजनों को स्वादिष्ट तरीके से पकाने का आगाज किया। साथ ही कई लोगों को खाना बनाने के लिए प्रेरित किया। महाराष्ट्र के पुणे में पैदा हुईं तरला दलाल विवाह के बाद मुंबई आ गईं। जिसके बाद अपने शौक को दिशा देने के लिए वो अपने पड़ोस की महिलाओं को कुकिंग की क्लास देती थीं। जिसमे वो थाई, मैक्सिकन, इटैलियन जैसी डिश को बनाना सिखाती थीं। उनके खाना बनाने के अंदाज को लोगों ने बहुत पसंद किया। और लोग उनकी क्लास में कुकिंग सीखने ज्यादा मात्रा में आने लगे। लोगों को तरला दलाल की कुकिंग का तरीका और रेसिपी काफी पसंद आती थी।
उनकी लोकप्रियता से प्रेरित होकर मशहूर प्रकाशक वकील एंड संस ने उनकी कुकबुक प्रकाशित की। जिसका नाम था 'द प्लेजर ऑफ वेजिटेरियन कुकिंग'। इस किताब का कई भाषा में अनुवाद किया गया। जिसमे हिंदी, गुजराती, मराठी, बंगाली के साथ ही डच और रूसी जैसी विदेशी भाषा भी शामिल थीं। तरला दलाल ने करीब 170 किताबें लिखी हैं। वहीं अब उनके जीवन पर फिल्म भी बन रही है। कुकिंग में बेहतरीन काम करने की वजह से वो पद्म श्री से सम्मानित होने वाली एकमात्र भारतीय हैं। तरला दलाल ने अपने 17हजार व्यंजनों की एक वेबसाइट भी लांच की थी। जिसमे देसी से लेकर अंतरराष्ट्रीय व्यंजनों की शाकाहारी रेसिपी शामिल है।