आज के समय में सड़क पर एक सार्वजनिक लाइब्रेरी खोलना और लोगों के लिए एक ऐसी व्यवस्था निर्मित करना जहां पाठक आराम से ज्ञान प्राप्त कर सके, यह किसी पुण्य से कम नहीं है और यह काम कर दिखाया है अरुणाचल प्रदेश की एक शिक्षिका ने। जिसके बाद से लोग इस स्ट्रीट लाइब्रेरी से कोई भी पसंदीदा किताब को निशुल्क पढ़कर ज्ञान प्राप्त कर सकते हैं। आइए जानते हैं इस स्ट्रीट लाइब्रेरी से जुड़ी अन्य खास बातें।
इस तरह की शुरुआत
किताब नहीं होती है चोरी
यह मीना की निजी लाइब्रेरी नहीं है, उन्होंने इसे शुरू से ही सार्वजनिक रखा। लोग यहां आते हैं, खुद से किताब लेते हैं, यहीं बैठकर पढ़ते हैं और फिर रखकर चल देते हैं। कोई कभी किताब चोरी करने की नियत से नहीं आता। लाइब्रेरी पूरे समय खुली रहती है और कई लोग ऐसे भी आते हैं जिन्हें मीना नहीं जानती हैं लेकिन वे भी ईमानदारी से किताब पढ़ने के बाद रखकर जाते हैं।
महिलाएं और युवा पढ़ते हैं किताब