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Inspiring Story: बाराबंकी की बेटी ने रचा इतिहास, पहुंची जापान; जानें कैसे बदली पूजा की किस्मत

Wed, 23 Jul 2025 01:33 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला

सार

Inspiring Story: बाराबंकी की पूजा पाल के जीवन में तब बदलाव आया जब उन्होंने महज आठवीं कक्षा में एक ऐसा विज्ञान मॉडल तैयार किया जो किसानों के लिए वरदान साबित हो सकता है। साथ ही पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद है। पूजा ने देखा कि थ्रेशर मशीन से उड़ने वाली धूल लोगों को परेशान करती है। 

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बाराबंकी की पूजा पाल - फोटो : instagram
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विस्तार
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Inspiring Story: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले की एक सामान्य लड़की पूजा पाल ने वो कर दिखाया जिसे सोचकर ही लोग रुक जाते हैं। मिट्टी की कच्ची दीवारों और छप्पर के घर में पली-बढ़ी पूजा ने अपनी मेहनत और हौसले से जापान तक का सफर तय कर लिया। यह कहानी सिर्फ एक लड़की की नहीं, बल्कि हर उस इंसान की प्रेरणा है जो मुश्किल हालातों में भी सपने देखना नहीं छोड़ते।

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पूजा पाल का जीवन परिचय

बाराबंकी जिले के सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र के एक छोटे से गांव अगेहरा में पूजा पाल नाम की लड़की रहती है। पूजा पाल का घर छप्पर का है, जहां से बारिश में छत से पानी तक टपकता था। लेकिन उनकी सोच और समझ सिर्फ इस छोटे से घर तक सीमित नहीं रही।

पूजा के पिता पुत्तीलाल मजदूरी करते हैं तो वहीं मां सुनीला देवी एक सरकारी स्कूल में रसोईया हैं। पांच भाई बहनों के साथ रहने वाली पूजा की आर्थिक स्थिति कमजोर है। हालांकि उन्होंने अपनी पढ़ाई और सपनों के बीच न तो आर्थिक तंगी और ना ही मिट्टी के घर में छाए अंधेरे को रोड़ा बनने दिया। वह एक मेधावी छात्रा हैं, जिन्होंने चारा काटने, पशुओं की देखरेख करने और घर के कामों में मदद करके के साथ ही पढ़ाई को जारी रखा।
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पूजा ने बनाया डस्ट फ्री थ्रेशर मशीन

उनके जीवन में तब बदलाव आया, जब पूजा ने महज आठवीं कक्षा में एक ऐसा विज्ञान मॉडल तैयार किया जो किसानों के लिए वरदान साबित हो सकता है। साथ ही पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद है। पूजा ने देखा कि थ्रेशर मशीन से उड़ने वाली धूल लोगों को परेशान करती है। इसका हल निकालने के लिए उन्होंने टीन और पंखे की मदद से एक ऐसा मॉडल बनाया जिससे निकलने वाली धूल एक थैले में एकत्र हो जाती है।

मशीन को प्रदर्शनी में किया गया शामिल

ये मशीन पर्यावरण के लिए सुरक्षित होने के साथ ही किसानों के लिए काफी उपयोगी है। इस मॉडल को तैयार करने के लिए पूजा ने लगभग 3000 रुपये खर्च किए जो उनके परिवार के लिए काफी बड़ी रकम थी। हालांकि जब उनका मॉडल 2020 में जिला और मंडल स्तर पर चुना गया और फिर राज्यस्तरीय प्रदर्शनी व राष्ट्रीय विज्ञान मेले में शामिल हुआ तो जाकर उनकी सारी मेहनत और व्यय का परिणाम दिखा।

सरकार ने पूजा को भेजा जापान

वर्ष 2024 में उनके मॉडल को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा आयोजित राष्ट्रीय विज्ञान मेले में शामिल किया गया। उनकी प्रतिभा को देखते हुए भारत सरकार ने जून 2025  में पूजा पाल को शैक्षिक भ्रमण के लिए जापान भेजा।  

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