प्रयागराज की महिलाएं इन दिनों हर्बल गुलाल बनाने में जुटी हैं। शहर के करीब 10 स्वयं सहायता समूह की लगभग सौ महिलाओं ने मिलकर प्राकृतिक तरीके से गुलाल बनाकर तैयार किया है। इस हर्बल गुलाल को बनाने में महिलाओं ने खेतों और मंदिरों से फूल इकट्ठा किए और इनसे रंग बनाने का काम किया। प्रयागराज के अलग-अलग हिस्सों चाका, बहरिया और बहादुरपुर जैसे ब्लॉक से फूलों को इकट्ठा किया गया। इन महिलाओं ने पहले व्यापारिक संगठनों से ऑर्डर लिए। फिर इस काम की शुरूआत की।
हर्बल गुलाल बिल्कुल प्राकृतिक तरीके से बने होते हैं। जो त्वचा को जरा भी नुकसान नहीं पहुंचाते हैं। लाल रंग के साथ ही पीले, हरे और गुलाबी जैसे रंगों के लिए हल्दी, गेंदा, गुलाब और चुकंदर, पालक का इस्तेमाल किया जाता है। ये सभी चीजें स्वास्थ्य की दृष्टि से भी फायदेमंद हैं''। सभी महिलाओं ने मिलकर नौ अलग-अलग रंगों से हर्बल गुलाल बनाया। होली पर हर्बल गुलाल बनाने के अलावा स्व सहायता समूह की महिलाएं फूल बेचती हैं। शादी के सीजन में इनके फूलों की खूब बिक्री होती है।