रोहिणी गोडबोले सेंटर फॉर आई एनर्जी फिजिक्स, भारतीय विज्ञान संस्थान बैंगलुरू में प्रोफेसर हैं। महाराष्ट्र के पुणे में जन्मी रोहिणी ने स्नातक की पढाई अपने शहर से ही की है। सर परशुराम भाऊ कॉलेज, पुणे से रोहिणी ने बीएससी की डिग्री ली है। वहीं इसके बाद उन्होने एमएससी की डिग्री भारतीय प्रोद्योगिकी संस्थान मुंबई से ली है।
रोहिणी ने अपना पूरा जीवन विज्ञान को समर्पित कर रखा है। 1979 में न्यूयार्क से पीएचडी की डिग्री लेने के बाद वो बॉम्बे यूनिवर्सिटी के फिजिक्स डिपार्टमेंट में लेक्चरर और रीडर के तौर पर काम कर चुकी हैं। 1998 में वह प्रोफेसर बनीं।
फिजिक्स के क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए सराहनीय कार्यों के लिए 2019 में उन्हें भारत सरकार द्वारा पद्मश्री से सम्मानित किया गया। इससे पहले 2009 में उन्हें सत्येंद्रनाथ बोस पदक मिला। रोहिणी ने अब तक तीन किताबों का संपादन किया। उनकी एक किताब लीलावती की बेटियों, भारत की महिला वैज्ञानिकों पर आधारित थी। उन्होंने 150 से अधिक शोध पत्रों का लेखन भी किया है।