माया विश्वकर्मा को पैड जीजी व पैड वुमेन के नाम से भी जाना जाता है। सुकर्मा फाउंडेशन के जरिए माया विश्वकर्मा समाजसेविका के तौर पर कार्य करती हैं। महिलाओं को मासिक धर्म, हाइजीन और स्वास्थ्य को लेकर जागरूक करने के लिए वह कार्य करती हैं। गांवों और कस्बों में जाकर गरीब बस्तियों की महिलाओं को माहवारी के दौरान होने वाली समस्याओं के बारे में जागरूक करती हैं।
उनकी समाजसेवा और जागरूकता कार्यक्रमों के कारण माया विश्वकर्मा को कई सामाजिक पुरस्कार भी मिल चुके हैं। उन्होंने अरुणाचलम भारत के पैडमैन मुलाकात करके प्रेरणा ली और गांव में सेनेटरी पैड बनाने का काम शुरू किया।