Libya Lobo Sardesai: 76वें गणतंत्र दिवस का जश्न पूरे देश में मनाया गया। गणतंत्र दिवस के मौके पर हर साल भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान की घोषणा की जाती है। इस साल भी पद्म श्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण के नामों की घोषणा हुई, जिसमें 139 हस्तियां शामिल हैं। सर्वोच्च नागरिक सम्मान के लिए जिन नामों की घोषणा हुई है उसमें गुमनाम नायकों को भी शामिल किया गया है।
खास बात ये हैं कि इस सूची में 23 महिलाओं के नाम हैं। इस साल 100 वर्षीय महिला को भी सम्मानित किया जाना है। लिस्ट में शामिल महिलाओं में एक नाम लीबिया लोबो सरदेसाई का है। आइए जानते हैं कौन हैं लीबिया लोबो सरदेसाई।
100 साल की लीबिया सरदेसाई
सौ साल की स्वतंत्रता सेनानी लीबिया लोबो सरदेसाई ने 1955 में गोवा को पुर्तगाली शासन से मुक्त कराने और लोगों में आजादी की अलख जगाने के लिए जंगल में भूमिगत रेडियो स्टेशन वोज दा लिबरदाद यानी स्वतंत्रता की आवाज चलाया। 1954-55 में जब पुर्तगालियों ने कई सत्याग्रहियों की जान ले ली, तब बॉम्बे में छिपकर रह रहीं लोबो ने साथियों संग गोवा से 100 किमी दूर अंबोली घाट के जंगलों से रेडियो प्रसारण शुरू किया।
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17 दिसंबर, 1961 को इस स्टेशन ने भारत के तत्कालीन रक्षा मंत्री वीके कृष्ण मेनन का सीधा संदेश प्रसारित किया, जिसमें पुर्तगाली गवर्नर जनरल को आत्मसमर्पण करने को कहा गया। 19 दिसंबर, 1961 को गोवा मुक्त हुआ तो लोबो ने भारतीय वायु सेना के विमान से पर्चे गिराते हुए गोवा की आजादी का एलान किया।