कोलकाता की नंदिनी भौमिक पेशे से संस्कृत की प्रोफेसर और नाटक कलाकार हैं। साथ ही नंदिनी विवाह में मंत्रोच्चारण के साथ विवाह संपन्ना कराती हैं। पिछले दस सालों से नंदिनी लगातार शादियों को संपन्न कराने का काम करती हैं। अबतक चालीस से ज्यादा शादियां करा चुकीं नंदिनी को संस्कृत के श्लोकों को काफी ज्ञान हैं। वो विवाह में श्लोकों को अनुवाद करके भी कहती हैं।
दरअसल, जिन विवाह के लिए बैठे जोड़ों को संस्कृत में श्लोक नहीं समझ आते। नंदिनी उनके लिए अंग्रेजी और बांग्ला में श्लोकों का अनुवाद करती हैं। जिससे कि उन श्लोकों का सही अर्थ समझ सकें। साथ ही उनकी शादियों में पीछे से रवींद्र नाथ टैगोर का संगीत भी बजता है। नंदिनी विवाह के दौरान होने वाली कन्या दान की रस्म की घोर विरोधी हैं। उनका मानना है कि कन्या कोई वस्तु नहीं जो उसका दान किया जाए। वो विवाह की रस्मों में कन्यादान नहीं करतीं। नंदिनी के इस कार्य को समाज की सराहना भी मिल रही है। वो कई सारे अंतरजातीय और अंतरधार्मिक विवाह भी करा चुकी हैं।