मुनजजा मोहम्मद अली फिलहाल एक कॉलेज की छात्रा है लेकिन साथ ही वे अपना खुद का बिजनेस कर रही हैं जिसका नाम है ‘मुंज मेड’। मुनजजा का मानना है कि 18 वर्ष के बाद बच्चों ने घर से पॉकेट मनी नहीं मांगना चाहिए। उन्हें खुद से कुछ छोटा-मोटा करके ही अपना खर्चा उठाना चाहिए। एक विद्यार्थी के मन में इस तरह की सोच होना बहुत अच्छी बात है। आइए जानते हैं मुनजजा और उनके बिजनेस के बारे में।
लॉकडाउन में बंद हुई पॉकेट मनी
मुनजजा को यह बिजनेस का आइडिया तब आया जब उनकी पॉकेटमनी लॉकडाउन के कारण बंद हो गई और उन्हें वैसे भी अब खुद के लिए घर से पैसा मांगने में झिझक होने लगी थी क्योंकि वे 18 की उम्र को पार कर चुकी हैं।
बचपन से था हुनर
मुनजजा एक ऐसे घर में बड़ी हुई हैं, जहां बचपन से ही उन्होंने मां- नानी को सिलाई और कढ़ाई करते हुए देखा है और समय के साथ वे भी यह सीख गई थीं। लॉकडाउन में वे अक्सर हेयर बैंड बनाकर साझा किया करती थीं और दोस्त लोग उन्हें खूब पसंद करते थे।
अब मिलते हैं ऑर्डर
मुनजजा अलग-अलग चीजें बनाती रहती हैं। हिजाब तो उन्होंने बस ट्रायल के लिए बनाया था लेकिन वो लोगों के इतना अच्छा लगा कि उन्हें घर बैठे आर्डर मिलने लगे। इन दिनों वे हिजाब बनाकर बेच रही हैं और उससे अपनी पॉकेट मनी खुद से जमा कर रही है।