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Rama Rani Verma : यूपी की बेटी ने घर से शुरू किया कारोबार, ऐसे बनीं रमा रानी वर्मा जिले की पहचान

Wed, 24 Dec 2025 11:32 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Rama Rani Verma Success Story: संत कबीर नगर की बेटी रमा रानी वर्मा ने बी-टेक के बाद यूपी सरकार के युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत ऋण लेकर कास्मेटिक और आर्टिफिशियल ज्वेलरी का उद्योग शुरू किया।
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संत कबीर नगर की बेटी बनी मिसाल - फोटो : Instagram
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश सरकार केवल योजनाएं बना नहीं रही, बल्कि उन योजनाओं को धरातल पर उतार आमजन के जीवन में वास्तविक बदलाव भी लाने का प्रयास कर रही है। इस प्रयास का सशक्त उदाहरण संत कबीर नगर जिले की रमा रानी वर्मा हैं, जिन्होंने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के माध्यम से आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की है। वह नैना कॉस्मेटिक्स एंड आर्टिफिशियल ज्वेलरी मेकिंग नाम से एक इकाई का संचालन कर रही हैं। इनका कहना है कि योगी आदित्यनाथ सरकार के विज़न और नीति से आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाने का अवसर प्राप्त हुआ है।

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कौन हैं रमा रानी देवी?

औद्योगिक नगर, मुखलिसपुर रोड, खलीलाबाद की रहने वाली रमा रानी वर्मा ने बी-टेक (कंप्यूटर साइंस) किया है। पढ़ाई के बाद उनके सामने भी वही विकल्प थे जो आज अधिकतर युवाओं के सामने होते हैं, यानी नौकरी की तलाश। लेकिन उन्होंने पारंपरिक रास्ते पर चलने के बजाय खुद का रास्ता बनाने का निर्णय लिया। उनका मानना था कि यदि सरकार का सहयोग मिले तो युवा स्वयं का रोजगार कर न केवल अपने पैरों पर खड़े हो सकते हैं, बल्कि दूसरों के लिए भी अवसर पैदा कर सकते हैं।

आत्मनिर्भरता के लिए रमा रानी देवी ने लिया ऋण

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नेतृत्व वाली सरकार की ओर से शुरू किए गए मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान ने उनके इस सपने को साकार करने में निर्णायक भूमिका निभाई है। इस अभियान के अंतर्गत रमा रानी वर्मा को 3.5 लाख रुपये का ऋण मिला। यह राशि उनके लिए केवल आर्थिक सहायता नहीं थी, बल्कि आत्मविश्वास और भरोसे की पूंजी थी, जिसने उन्हें आगे बढ़ने की ताकत दी।
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कास्मेटिक और आर्टिफिशियल ज्वेलरी निर्माण का कार्य किया शुरू

सरकार से मिले इस सहयोग से उन्होंने संत कबीर नगर जिले के खलीलाबाद में कास्मेटिक और आर्टिफिशियल ज्वेलरी के निर्माण के साथ-साथ अपने दुकान के मध्य से उनकी बिक्री शुरू की है। विशेष बात यह है कि उनका यह पूरा कार्य स्थानीय स्तर पर और परिवार के सहयोग से किया जा रहा है। घर से शुरू हुआ यह उद्यम धीरे-धीरे व्यवस्थित स्वरूप लेता जा रहा है। इससे उनकी आय में वृद्धि होने के साथ-साथ परिवार की आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ हुई है।

रमा रानी वर्मा की यह यात्रा योगी सरकार के लोकल से ग्लोबल विजन को भी दर्शाती है। स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर स्थानीय स्तर पर उत्पादन और रोजगार सृजन ही इस मॉडल की सबसे बड़ी ताकत है। यह वही सोच है जिसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार आगे बढ़ा रहे हैं ताकि प्रदेश का हर जिला आत्मनिर्भर बने।

यूपी में स्वरोजगार को प्रोत्साहन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट दृष्टिकोण है कि जब प्रदेश का युवा सशक्त होगा तभी उत्तर प्रदेश देश की अर्थव्यवस्था में अग्रणी भूमिका निभा सकेगा। इसी उद्देश्य से सरकार ने स्वरोजगार को प्रोत्साहन देने के लिए सरल और पारदर्शी योजनाएं लागू की हैं।

मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान इसी दिशा में एक प्रभावी कदम है। रमा रानी वर्मा बताती हैं कि योजना की प्रक्रिया सरल रही और उन्हें समय पर ऋण प्राप्त हुआ। किसी प्रकार की अनावश्यक दिक्कत या भटकाव का सामना नहीं करना पड़ा। यह सुशासन और पारदर्शिता योगी सरकार की पहचान बन चुकी है जहां लाभार्थी तक लाभ सीधे और प्रभावी ढंग से पहुंच रहा है। आज रमा रानी वर्मा न केवल आत्मनिर्भर बनी हैं, बल्कि अन्य युवाओं खासकर महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन गई हैं। रमा रानी वर्मा की सफलता यह प्रमाणित करती है कि यदि मजबूत नेतृत्व वाली सरकार हो और नीतियां स्पष्ट हों तो आम परिवार की बेटी भी उद्यमिता की ऊंचाइयों तक पहुंच सकती है।

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