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Inspiring: मां-बेटी की जोड़ी ने किस्मत के सामने नहीं मानी हार, संघर्षों से लड़कर खड़ा किया करोड़ों का कारोबार

Wed, 06 Nov 2024 05:21 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

श्वेता शिवकुमार ने एक मीडिया प्लानर के रूप में करियर की शुरुआत की। दरअसल, साल 2012 में जब उनके पिता का निधन हुआ तो श्वेता शिवकुमार और उनकी मां जया एक दूसरे पर आश्रित हो गईं।
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श्वेता शिवकुमार ने अपना मां जया के साथ मिलकर व्यवसाय शुरू किया जो आज काफी उन्नति कर रहा है - फोटो : Instagram
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विस्तार
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Meet Shweta Shivkumar And Jaya Shivkumar: मां और बेटी का रिश्ता बहुत खास और काफी मजबूत होता है। मां और बेटी अपने रिश्ते की मजबूती को समझ अगर सही राह तलाश लें तो क्या नहीं कर सकती हैं। ऐसी ही एक मां बेटी की जोड़ी है, जिसने किस्मत के सामने हार नहीं मानी, संघर्षों से लड़कर आगे बढ़ती रहीं और आज किसी की मदद की मोहताज नहीं हैं। शक्ति में आज का लेख इसी मां बेटी की जोड़ी पर आधारित है, जो उन सभी महिलाओं के लिए प्रेरणा है जिनके पीछे किसी पुरुष का हाथ नहीं। वह खुद के दम पर भी समाज में रह सकती हैं और उन्नति की राह तलाश सकती हैं। आइए जानते हैं मां बेटी की इस जोड़ी जया और श्वेता शिवकुमार के बारे में।

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पिता के निधन के बाद बदला मां बेटी का जीवन

श्वेता शिवकुमार ने एक मीडिया प्लानर के रूप में करियर की शुरुआत की। दरअसल, साल 2012 में जब उनके पिता का निधन हुआ तो श्वेता शिवकुमार और उनकी मां जया एक दूसरे पर आश्रित हो गईं। श्वेता के पिता के लिवर में कुछ संक्रमण था, जिसके चलते लंबे समय तक चले इलाज के बाद उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। पिता के निधन पर जया के दूर के कजिन उनके घर आए, जिन्होंने श्वेता को नौकरी के बारे में जानकारी दी। एक बिजनेस मैगजीन में एड सेल्स डिपार्टमेंट में वैकेंसी थी। 24 साल की श्वेता ने नौकरी ज्वाइन कर ली। पहली नौकरी में 13 महीने और फिर दूसरी कंपनी में 6 से 7 महीने मीडिया प्लानिंग में काम करने पर श्वेता को महसूस हुआ कि ये काम उनके लिए नहीं।

शुरू किया खुद का क्लोदिंग ब्रांड

काम के बीच में अक्सर श्वेता फैशन मैग्जीन और ब्लॉग देखती थीं और उन्हीं से प्रेरित होकर उन्होंने फैशन में हाथ आजमाने का फैसला लिया। हालांकि, शुरुआत में वह इसे लेकर ज्यादा आश्वस्त नहीं थीं, लेकिन ये उनकी मां जया ही थीं, जिन्होंने श्वेता को कदम उठाने के लिए प्रेरित किया।
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मां का साथ मिलने पर श्वेता ने नौकरी छोड़ने का फैसला लिया और नया व्यवसाय शुरू  किया। श्वेता में अपने स्टार्टअप के लिए किसी दूसरे या बाहरी की मदद नहीं ली, बल्कि मां जया शिवकुमार ने उनका हाथ थामा। दोनों ने मिलकर एक क्लोदिंग ब्रांड कंपनी की शुरुआत की।आज यह क्लोदिंग ब्रांड देश का जाना-माना ब्रांड बन चुका है जो कि पर्यावरण के प्रति जागरूकता का प्रतीक और सूती कपड़ों का एक शानदार ब्रांड है।

श्वेता की फैशन में रूचि और जया के सिलाई में 20 साल के अनुभव ने उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। श्वेता डिजाइन और फैब्रिक पर काम करती हैं जबकि उनकी मां एग्जीक्यूशन का काम संभालती हैं। श्वेता के अनुसार, अगर उनके पिता की असामायिक मृत्यु नहीं होती तो वह कभी स्टार्टअप के लिए प्रेरित नहीं होतीं। 

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