उर्मिला जमनादास का जीवन परिचय
उर्मिला बा का जीवन शुरुआत से ही साधारण था, लेकिन उनके हौसले असाधारण रहे। मुंबई के एक गुजराती परिवार में जन्मी उर्मिला बा ने जीवन के ज्यादातर साल अपने परिवार की देखभाल में बिताए। लेकिन जब परिवार पर कठिन समय आया, खासकर उनके पोते की पढ़ाई और जरूरतों के लिए आर्थिक संकट खड़ा हुआ, तो 75 साल की उम्र में उन्होंने कुछ करने की ठानी।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने पति के बाद अपने तीनों बच्चों को खो दिया। महज ढाई साल की बेटी की एक इमारत से गिरकर मृत्यु हो गई थी। उनके बड़े बेटे की मौत ब्रेन ट्यूमर के कारण हुई और छोटे बेटे की मौत कथित तौर पर दिल का दौरा पड़ने से हुई।
इतने दुखों के बाद भी उर्मिला ने हार नहीं मानी। कोविड काल के दौरान पोते हर्ष के साथ उन्होंने अपने किचन से गुजराती नाश्तों का छोटा-सा कारोबार शुरू किया, जिसका नाम
गुज्जुबेन ना नास्ता रखा। यह केवल एक व्यवसाय नहीं था, बल्कि उनके आत्मसम्मान, हिम्मत और परिवार के प्रति प्यार की मिसाल थी।
यूट्यूब पर भी बनीं स्टार
गुज्जुबेन ने सोशल मीडिया का भी शानदार इस्तेमाल किया। उनके नुस्खे, बात करने का तरीका और सादगी ने लोगों को बहुत प्रभावित किया। उनके यूट्यूब चैनल ‘GujjuBen’ पर लाखों लोग जुड़ने लगे और देखते ही देखते वह एक सोशल मीडिया स्टार बन गईं। उनके व्यंजन वीडियो न सिर्फ स्वादिष्ट होते थे, बल्कि उनमें उनकी जिंदगी की झलक और सच्चाई भी नजर आती थी।
मास्टरशेफ की प्रेरणा
उर्मिला बा ने न सिर्फ कारोबार खड़ा किया, बल्कि TEDx जैसे प्रतिष्ठित मंचों पर भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने अपने संघर्ष, पारिवारिक मूल्यों और महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने के महत्व पर दिल छू लेने वाले भाषण दिए। उनकी इस यात्रा ने कई लोगों को प्रेरित किया और मास्टरशेफ इंडिया जैसे मंचों पर भी उनकी चर्चा होने लगी। उनकी कहानी उस उम्र वर्ग के लोगों के लिए रोशनी की किरण बनी, जिन्हें लगता है कि अब कुछ नया शुरू नहीं किया जा सकता।