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Genius Sisters: ये हैं उत्तर प्रदेश की ‘जीनियस सिस्टर्स’, जो मिनटों में देती हैं हर सवाल का जवाब

Sun, 03 Aug 2025 03:28 PM IST
श्रुति गौड़ लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Genius Sisters:  16 साल की हसी और 20 वर्षीय हनी सिंह ने छोटी-सी उम्र में  सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी में कई रिकॉर्ड बनाए और लोग उन्हें ‘जीनियस सिस्टर्स’ कहने लगे। आज दोनों बहनें, बेटियों की पढ़ाई, दहेज उन्मूलन और पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक करने के अभियान से जुड़ी हुई हैं।
 
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ये हैं उत्तर प्रदेश की ‘जीनियस सिस्टर्स - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आपने अंताक्षरी तो खूब खेली होगी। हो सकता है, आज भी आप खेल के दौरान वही गाने गाती हों, जो कि पहले गाती थीं। लेकिन उत्तर प्रदेश में पीलीभीत जिले के बीसलपुर कस्बे की रहने वाली 16 साल की हसी और 20 वर्षीय हनी सिंह अंग्रेजी में अंताक्षरी खेलती हैं। हसी 20 मिनट में सामान्य ज्ञान के 700 प्रश्नों के उत्तर दे सकती हैं तो हनी 54 मिनट में 1600 सवालों के जवाब दे सकती हैं। सामान्य ज्ञान के क्षेत्र में दोनों बहनों ने कम उम्र में कई उपलब्धियां हासिल की हैं, जिसकी वजह से उन्हें ‘जीनियस सिस्टर्स’ के रूप में जाना जाता है।
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हसी और हनी का जन्म एक शिक्षित और अनुशासित परिवार में हुआ। इनके पिता दिग्विजय सिंह एक शिक्षक हैं, जो सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में कार्यरत हैं। वहीं माता सीमा कुमारी बालाजी गर्ल्स इंटर कॉलेज में अध्यापिका हैं। माता-पिता की शिक्षावादी सोच और प्रोत्साहन ने दोनों बहनों की प्रतिभा को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सिर्फ चार वर्ष की आयु से ही हसी और हनी ने अपने सामान्य ज्ञान की विलक्षण प्रतिभा से लोगों को चकित करना शुरू कर दिया। इस उम्र के बच्चे जहां खेलकूद में व्यस्त रहते हैं, वहीं ये दोनों बहनें मंचों पर सामान्य ज्ञान के प्रश्नों के उत्तर देकर देश भर में प्रसिद्ध हो गईं।

दोनों बहनों को मात्र 3 मिनट में सभी राज्यों और देशों की राजधानियां तथा 5 मिनट में उनके क्षेत्रफल सुनाने की रिकॉर्ड महारत हासिल है। दोनों बहनों को अंग्रेजी में अंताक्षरी खेलता देख लोग उनकी भाषाई पकड़ और स्मरण शक्ति की ताकत से चकित हो जाते हैं। हनी कहती हैं कि इन उपलब्धियों ने उन्हें राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी एक अलग पहचान दिलाई है।
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साल 2010 में जब हनी मात्र चार वर्ष की थीं, तभी से वह टेलीविजन चैनलों और बड़े मंचों पर अपने ज्ञान का प्रदर्शन करने लगीं। वर्ष 2013 में दोनों बहनों ने ‘सामान्य ज्ञान जागरूकता अभियान’ शुरू किया, जिसका उद्देश्य बच्चों और युवाओं में सामान्य ज्ञान के प्रति रुचि पैदा करना था। इस अभियान ने पूरे देश में शिक्षा के प्रति एक नई सोच को जन्म दिया। आज जहां तकनीक के युग में बच्चों का ध्यान डिजिटल दुनिया की ओर खिंचता है, वहीं हसी और हनी ने ज्ञान को उत्सव की तरह प्रस्तुत किया, जिससे कई विद्यार्थी प्रेरित हुए।

हनी बताती हैं कि उनका उद्देश्य केवल शिक्षा तक सीमित नहीं रहा, उन्होंने सामाजिक सुधार की दिशा में भी कई पहल कीं। वर्ष 2013-14 में दोनों बहनों ने बेटियों की पढ़ाई के लिए अभियान शुरू किया था। 2015 में लागू केंद्र सरकार के ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान से उन्हें बल मिला। इनके द्वारा स्वच्छ भारत मिशन, पर्यावरण सुरक्षा, दहेज उन्मूलन और आपदा पीड़ितों की मदद जैसे कई सामाजिक विषयों पर जागरूकता अभियान चलाए गए।

हनी और हसी बताती हैं, “हमने लोगों को समझाने के लिए नुक्कड़ नाटक किए और घर-घर जाकर जरूरतमंद बच्चों तथा परिवारों को इसका महत्व बताया।” दोनों बहनों का मानना है कि असली शिक्षा वही है, जो समाज में बदलाव ला सके। वे कहती हैं, “हमारे अंदर धीरे-धीरे समाज में बदलाव लाने की इच्छा जागृत हुई, क्योंकि हमने सड़कों पर और अपनी कक्षा में ऐसे बच्चों को देखा, जो शिक्षा का महत्व नहीं जानते थे। इसलिए हमने इस बारे में माता-पिता को बताया और उन्होंने हमारा पूरा सहयोग किया। आज हम दोनों अपने ज्ञान को और ज्यादा बढ़ाने के साथ-साथ सामाजिक कार्य भी कर रही हैं।
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