खराब मौसम के कारण टीम 6350 मीटर ऊंचाई तक ही पहुंच पाई। हालांकि एक साल बाद फिर से माउंट एवरेस्ट के लिए एनसीसी अभियान का हिस्सा बनीं। चढ़ाई के दौरान उनकी टीम 8,548 मीटर तक पहुंच गई थी, लेकिन ऑक्सीजन मास्क खराब होने की वजह से बलजीत को वापस बुला लिया गया। हालांकि उनका हौसला नहीं टूटा और साल 2022 में बलजीत कौर ने उस समय इतिहास रच दिया जब 17 मई को वह राज 10 बजे माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई के लिए रवाना हुईं, महज पांच दिन की कड़ी मेहनत और संघर्ष के बाद उन्होंने अपना सपना पूरा कर लिया। वहीं नेपाल-तिब्बत सीमा के पास 7,161 मीटर ऊंचे माउंट पुमोरी को फतह करने की भी उपलब्धि हासिल की। 8,167 मीटर ऊंचे माउंट धौलागिरी पर सफलतापूर्वक चढ़ाई करने वाली भी बलजीत कौर पहली भारतीय महिला पर्वतारोही बन गईं।